केवीके नागौर में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण का समापन, 56 कृषि सखियों व सीआरपी ने लिया प्रशिक्षण
नागौर,27 फरवरी /कृषि विज्ञान केंद्र, अठियासन (नागौर) में प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस प्रशिक्षण में जिले की 56 कृषि सखियों एवं सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (सीआरपी) ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं केंद्राध्यक्ष डॉ गोपीचंद सिंह ने की। इस अवसर पर उन्होंने प्राकृतिक खेती के महत्व, लागत में कमी, मृदा स्वास्थ्य सुधार एवं किसानों की आय बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम कर सकते हैं तथा सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
सहायक निदेशक कृषि कानाराम ने कृषि सखियों को प्राकृतिक खेती के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि सखियां गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करें ताकि अधिक से अधिक किसान इस पद्धति को अपनाएं।
पशु वैज्ञानिक बुधाराम चौधरी ने पशुपालन आधारित प्राकृतिक खेती, जीवामृत, घनजीवामृत तथा देशी गाय के महत्व पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिससे खेती की लागत कम होती है और किसानों को अतिरिक्त आय भी मिलती है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को जीवामृत, बीजामृत एवं प्राकृतिक कीट नियंत्रण विधियों का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इस अवसर पर केंद्र के वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।


