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पञ्चाङ्ग - 16-01-2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 16 जनवरी 2026*
*🎈 दिन- शुक्रवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-    त्रयोदशी    22:21:01 तक तत्पश्चात चतुर्दशी *
*🎈 नक्षत्र -         ज्येष्ठा    29:46:44* तक तक तत्पश्चात्     मूल    *
*🎈 योग    - ध्रुव    21:05:23 तक*pm तत्पश्चात्      व्याघात*     
*🎈करण    -         गर    09:21:07pm तक तत्पश्चात्     वणिज*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 11:26:00am to 12:45 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-    धनु    *
*🎈सूर्य राशि-     मकर    *
*🎈 सूर्योदय-07:27:22am*
*🎈सूर्यास्त -    18:02:27pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:39 ए एम से 06:33 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:24 पी एम से 01:06 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:18 ए एम, जनवरी 17 से 01:11 ए एम, जनवरी 17*
*🎈    अमृत काल -    07:59 पी एम से 09:46 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ..... प्रदोष व्रत*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
माघ मास प्रयागराज में कल्पवास चल रहा है* 
kundli


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    *🛟चोघडिया, दिन🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।
day



*🛟*
    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


  
 *🛟*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ..# 💐🍁🍁✍️ | #🌕 👉 
👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐97 ji 🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★
√*🛡️🌹राहु का रंज🌹

🎉शुक्राचार्य का चेला राहु ,जिसने कसम खाई थी समुद्र मंथन के समय ,हिन्दू सनातन धर्म के विरुद्ध चलने की वो आज भी अपने वचन के अनुसार कार्य कर रहा है।ये आपकी पत्रिका में जहा भी विराजमान होगा वहा 70%राशियों में उस पत्रिका के फल को उलटा कर देगा।धर्म गुरु बृहस्पति से सीधा बैर रखने वाला,यह सीधे मानसिक स्थिति को बदल कर उलटा करने में सक्षम है।चमत्कार एवं आश्चर्य से भरा यह ग्रह आपकी इच्छाओ को अपनी इच्छा एवं धर्म (असुर)के अनुसार ही पूर्ण करता है।इसके पास शरीर ना होने से ये प्रणाम नहीं सलाम करता है,आप सीधा लिखते है ये उलटा लिखता है। प्रसिद्ध  

 💥 ज्योतिष ग्रंथोंके अनुसार राहु सांप,सपेरे,कीट,विष,जूआ , कुतर्क,अपवित्रता असत्य वादन ,नैऋत्य दिशा ,सोये हुए प्राणी ,वृद्ध , ,दुर्गा की उपासना ,ढीठ पना , चोरी ,आकस्मिक प्राकृतिक घटनाएं ,मद्य पान ,मांसाहार  ,वैद्यक ,हड्डी ,गुप्तचर ,गोमेद ,रांगा ,मछली व नीले पदार्थों का कारक है |

इसके रहने का मुख्य स्थान चौक-चौराहा,एवं कब्र-मजार है,इत्र इसे बहुत पसंद है मॉस-मदिरा का शौक़ीन यह ग्रह ,ज्यादा इसका नाम लेने एवं लिखने से आपके जीवन में प्रवेश कर जाता है ।इसके भक्त ज्यादा से ज्यादा अपने शिष्यो से इसके नाम का जाप कराकर ,सात्विक भक्तो को भटकाकर ,इसका इलाज करने का दावा करते है।इसका मुख्य कार्य करने का तरिका "छल"है अपने कार्यो को पूर्ण करने के लिए अक्सर ये "छल" का उपयोग करता है सिंह जैसी शक्ति रखने वाला राहु अमृत का पान करने के कारण अमर है इसी कारण कोई भी इससे युद्ध नहीं करता,इसको मनाना या शांत करना ही इसका उपाय है।

श्रीमद्भागवत पुराण के अनुसार महर्षि कश्यप की पत्नी दनु से विप्रचित्ति नामक पुत्र हुआ जिसका विवाह हिरण्यकशिपु की बहन सिंहिका से हुआ | राहु का जन्म सिंहिका के गर्भ से हुआ इसीलिए राहू का एक नाम सिंहिकेय भी है ।

मत्स्य पुराण के अनुसार  राहु विकराल मुख का ,नील वर्ण ,हाथ में तलवार ,ढाल ,त्रिशूल व  वर मुद्रा धारण किये है | इसकी वात प्रकृति है |इसे दूसरों के अभिप्राय को जान लेने वाला तीव्र बुद्धि का कहा गया है |

सर्वमान्य ज्योतिष ग्रंथों के अनुसार राहु अशुभ ,क्रूर ,मलिंरूप वाला ,अन्त्यज जाति का , दीर्घ सूत्री ,नील वर्ण का तथा तीव्र बुद्धि का माना गया है |

इसकी परेशानियो से दूर होने के लिए ,इसकी शान्ति करने के लिए इसके नाम का उलटा जाप करना लाभ देता है।जब भी राहु का नाम जिव्हा पे आये तो इसके नाम के साथ "हठ"शब्द का प्रहार करने से भी ये दूर हो जाता है।ठगी,चोरी,स्मगलिंग,लड़ाई-झगड़ा,एवं अकास्मिक घटनाये राहु की ही देन है।इस प्रकार के कार्यो को करने वाले लोग इसे गुरु बना सकते है।
राहु जिस ग्रह के साथ होगा उसके विचारो को अपने विचार के अनुसार चलाने का प्रयास करेगा।
संतान की विद्या का अचानक कम हो जाना,घर में चोरी होना,आग लग जाना,दुर्घटना होना,पति-पत्नी में क्लेश,अचानक जीवन में नशा जैसे शराब,गांजा जैसे मादक पदार्थ का प्रवेश कर जाना,मॉस खाने की इच्छा का बड़ जाना ,इन सब में राहु का बहुत हद तक हस्तक्षेप होता है।अच्छा होगा यदि आप इससे दुरी बना के रखे।

राहु की शान्ति का एक उपाय यह है चौक में बसने वाली समाधि पे इसकी पसंद की चीजे भेट चड़ा दी जाए जैसे:-रस वाली मिठाइयां,इत्र,मोगरे की माला ,लोबान इत्यादि।

(व्यक्तिगत अनुभूति एवं विचार)

।।राहु शान्ति के उपाय।।
जन्मकालीन राहु  अशुभ फल देने वाला हो या गोचर में अशुभ कारक हो तो निम्नलिखित उपाय करने से बलवान हो कर शुभ फल दायक हो जाता है |
।।रत्न धारण ।।
गोमेद पञ्च धातु की अंगूठी में आर्द्रा,स्वाती या शतभिषा नक्षत्र  में जड़वा कर शनिवार  को  सूर्यास्त  के बाद  पुरुष दायें हाथ की तथा स्त्री बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें | धारण करने से पहले ॐ  भ्रां भ्रीं भ्रों सः राहवे नमः मन्त्र के १०८ उच्चारण से इस में ग्रह प्रतिष्ठा करके धूप,दीप , नीले पुष्प,  काले तिल व अक्षत आदि से पूजन कर लें|रांगे का छल्ला धारण करना भी शुभ रहता है |

।।दान ,जाप ।।
ॐ  भ्रां भ्रीं भ्रों सः राहवे नमः 
मन्त्र का १८००० की संख्या में जाप करें | शनिवार को काले उडद ,तिल ,तेल ,लोहा,सतनाजा ,नारियल  ,  रांगे की मछली ,नीले   रंग का वस्त्र इत्यादि का दान करें | मछलियों को चारा देना भी राहु शान्ति का श्रेष्ठ उपाय है |

**बहते हुए पानी में कोयला, लोहा या नारियल प्रवाहित करें।
**सफाई कर्मचारी को लाल मसूर दाल तथा रुपये दान करें।
**चादी के बने सामान/आभूषण का प्रयोग करें।
**गरीब की लड़की के विवाह में आर्थिक मदद करें।
**तम्बाकू का सेवन नहीं करें।
**घर में अस्त्र-शस्त्र न रखें।
**नीला वस्त्र, इलेक्ट्रिक/इलेक्ट्रानिक उपकरण या स्टील के बर्तन उपहार में न लें।
**घर में कुत्ता न पालें।
**दक्षिणमुखी द्वार वाले घर में न रहें।
**गरीब व्यक्ति को सरसों, मूली, नीले रंग का कपड़ा दान करें।
**सास-ससुर की सेवा कर उनका आशीर्वाद लें।

**राहु की दशा से आप पीड़ित हैं तो अपने सिरहाने जौ रखकर सोयें और सुबह उनका दान कर दें इससे राहु की दशा शांत होगी.

**ऐसे व्यक्ति को अष्टधातु का कड़ा दाहिने हाथ में धारण करना चाहिए।
**हाथी दाँत का लाकेट गले में धारण करना चाहिए।
**अपने पास सफेद चन्दन अवश्य रखना चाहिए। 
**सफेद चन्दन की माला भी धारण की जा सकती है।
**जमादार को तम्बाकू का दान करना चाहिए।
**दिन के संधिकाल में अर्थात् सूर्योदय या सूर्यास्त के समय कोई महत्त्वपूर्ण कार्य नही करना चाहिए।
**यदि किसी अन्य व्यक्ति के पास रुपया अटक गया हो, तो **प्रातःकाल पक्षियों को दाना चुगाना चाहिए।
**झुठी कसम नही खानी चाहिए।
**राहु के दुष्प्रभाव निवारण के लिए किए जा रहे टोटकों हेतु शनिवार का दिन, राहु के नक्षत्र (आर्द्रा, स्वाती, शतभिषा) तथा शनि की होरा में अधिक शुभ होते हैं।

             💥।।क्या न करें।।💥

मदिरा और तम्बाकू के सेवन से राहु की दशा में विपरीत परिणाम मिलता है अत: इनसे दूरी बनाये रखना चाहिए. आप राहु की दशा से परेशान हैं तो संयुक्त परिवार से अलग होकर अपना जीवन यापन करें.

||मेरी भक्ति गुरु की शक्ति,फुरो मंत्र ईश्वरो वाँचा||


.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱
vipul

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