*खेजड़ी संरक्षण पर किसान जागरूकता कार्यशाला हुई आयोजित*
नागौर : 9 मार्च 2026 : राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना पंच गौरव की जानकारी आमजन तक पहुंचाने तथा एक जिला एक वनस्पति योजना के अंतर्गत खेजड़ी प्रजाति के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से वन विभाग, नागौर के मण्डल परिसर में एक दिवसीय किसान जागरूकता एवं तकनीकी जानकारी कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में जिले के विभिन्न रेंज एवं ब्लॉक स्तर से अधिकारी, कर्मचारी, किसान और आमजन ने भाग लिया।
कार्यक्रम में खेजड़ी प्रजाति के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया, साथ ही बताया गया कि आगामी मानसून सत्र में पौधारोपण के लिए विभागीय नर्सरियों में लगभग दो लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं, इसके साथ ही कुछ पौधे ग्राफ्टेड अथवा थार खेजड़ी के रूप में भी तैयार किए जा रहे हैं।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने खेजड़ी के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया कि नागौर जिले के लिए खेजड़ी को जिला-एक वनस्पति के रूप में चुना जाना एक महत्वपूर्ण कदम है। मरुस्थलीय क्षेत्रों में खेजड़ी सदियों से स्थानीय लोगों के जीवन, पशुपालन और पर्यावरण संतुलन का आधार रही है। इसलिए इस प्रजाति का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत आवश्यक है । उपस्थित अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को खेजड़ी के संरक्षण, पौधारोपण, देखभाल और इसके बहुआयामी लाभों के बारे में तकनीकी जानकारी भी दी।
कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद जाखड़, पद्मश्री हिमतराम भांभू, उप वन संरक्षक विजय शंकर पाण्डेय, नागौर तहसीलदार नृसिंह टाक, सहायक वन संरक्षक डॉ. सज्जन कुमार कंवलिया, पंच गौरव प्रभारी ममता बाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


