*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 30 अप्रैल 2026*
*🎈 वार- गुरुवार *
*🎈 मास - वैशाख मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - चतुर्दशी 21:11:57*तत्पश्चात्* बुद्ध पूर्णिमा,*
*🎈 नक्षत्र - चित्रा 26:15:50*
तक तत्पश्चात् स्वाति *
*🎈योग - वज्र 20:53:56* तक तत्पश्चात् वज्र*
*🎈करण - गर 08:28:55 तक तत्पश्चात् विष्टि भद्र*
*🎈राहुकाल - 02:15pm से 03:50 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- कन्या till 13:13:12
*🎈चन्द्र राशि- तुला from 13:13:12
*🎈सूर्य राशि - *मेष*
*🎈 सूर्योदय - 05:58:37*
*🎈 सूर्यास्त - 19:06:19*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:31 ए एम से 05:14 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:06 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 01 से 12:54 ए एम, मई 01*
*🎈अमृत काल -07:20 पी एम से 09:04 पी एम*
*🎈रवि योग- 05:57 ए एम से 02:16 ए एम, मई 01*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण- नरसिंह चतुर्दशी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )
*🎈विशेष - विशेष - चतुर्दशी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- वैशाख मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💥सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔱जीवन में एक बार उज्जैन अवश्य जाएं
प्रयाग से 10 गुना पुण्यमयी कुरुक्षेत्र
कुरुक्षेत्र से 10 गुना पुण्यमयी गया जी
गया जी से भी 10 गुना पुण्यमयी पुष्कर
पुष्कर से भी 10 गुना पुण्यमयी त्र्यंबकेश्वर
त्र्यंबकेश्वर से भी 10 गुना पुण्यमयी काशी और
काशी से भी 10 गुना पुण्यमयी अवंतिका (उज्जयिनी)
उज्जयिनी की कुछ विशेषताएं
१) यहाँ पर भगवान सूर्य, भगवान शिव और भगवती शक्ति स्वरूपा एक साथ विराजमान हैं
२) भगवान श्री कृष्ण का अध्ययन स्थली उज्जयिनी
३) भारतीय ज्योतिष में काल की गणना का स्थान उज्जयिनी
४) विश्व में एकमात्र दक्षिण मुखी ज्योतिर्लिंग
५) भगवान सूर्य नारायण के विलक्षण पुत्र अंराज कर्ण के अंतिम संस्कार का स्थान उज्जयिनी
६) देवी रति को कामदेव की प्राप्ति का स्थान उज्जयिनी
७) यहाँ 7 सागर, 9 नारायण, 108 हनुमान और 84 विशेष शिव लिंग (जिनकी स्थापना भी भगवान शिव शंकर ने ही करी)।
8) स्वर्ग की यात्रा करने वाली विश्वभूमि का एक मात्र टुकड़ा।
9) क्षिप्रा में स्वयं गंगा वर्ष में एक बार अपने पाप धोने आती हैं।
10) एशिया का सबसे बड़ा और सिद्ध श्मशान
11) भगवान नरसिंह के क्रोध की शांत का स्थान
12) भगवान राम ने अपने पिता का श्राद्ध यही किया।
13) मंगल ग्रह की उत्पत्ति का स्थान
14) भगवान कृष्ण के द्वारा नौ ग्रहों की स्थापना का स्थान
15) यमराज का कदाचित् एकमात्र अति प्राचीन मंदिर।
16) उज्जैन की ओर भी कई सारी बातें हैं जो कि कई बड़े बड़े ग्रंथों में भी नहीं आ सकती तो फिर यह तो छोटा सा मेसेज है
17) जीवन में एक बार उज्जैन के दर्शन अवश्य करें जन्म सफल हो जाएगा !
🇮🇳जय श्री महाकाल🔱 🏠
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🌿ॐ नमो नारायणाय
🙏हर हर महादेव🌿
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱




