Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग 7 मई 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

JYOTISH


*🎈दिनांक 7 मई 2026*
*🎈 वार-  गुरुवार *
*🎈 मास -  ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    पंचमी    10:13:27 तत्पश्चात्*षष्ठी*
*🎈 नक्षत्र - पूर्वाषाढा    18:44:56*
 तक  तत्पश्चात्     उत्तराषाढा*
*🎈योग    -         साध्य    25:58:27** तक तत्पश्चात्     शुभ*
*🎈करण    -         तैतुल    10:13:27* तक तत्पश्चात् गर*
*🎈राहुकाल -02:11pm से 03:53 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-    धनु*till 25:25:36*
*🎈चन्द्र राशि    - मकर    from 25:25:36*
*🎈सूर्य राशि     - मेष*
*🎈 सूर्योदय -   05:53:21*
*🎈 सूर्यास्त -        19:10:19* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:27 ए एम से 05:09 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:58 पी एम*
*🎈अमृत काल-    01:23 pm से 03:11 pm*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 07 से 12:53 ए एम, मई 07*
*🎈 रवि योग    06:46 पी एम से 05:51 ए एम, मई 08*
 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण पंचमी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - विशेष - पंचमी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 
  
      
        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
  

🔱🌹{जीवन्मुक्ति के सूत्र}
{स्वामी रामसुखदासजी महाराज}....... 🌹 

१. ‘ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने 
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविंदाय नमो नमः’ 

{जीवन्मुक्ति के सूत्र}
{स्वामी रामसुखदासजी महाराज}


पोस्ट---३५

* शास्त्रोंमें आत्मज्ञान नहीं, अनात्मज्ञान है |

* शास्त्रोंके द्वारा ज्ञान नहीं होता, प्रत्युत मान्यता अथवा आस्था होती है | ज्ञान आत्मा-अनात्माका होता है |
    
नारायण! नारायण! नारायण! नारायण!

{गीता प्रकाशन से प्रकाशित पुस्तक ‘जीवन्मुक्ति के रहस्य’ से क्रमांक -३५-३६}

6, 8, 12 भाव और अधियोग .............
===============================
#ज्योतिष जिज्ञासुओं को #अधियोग के बारे में भी जानना चाहिए ।
6, 8, 12 किसी भी जन्मकुंडली मे दुःस्थान होते हैं । जिन्हें बुरा स्थान कहा जाता है और अपेक्षा की जाती है कि शुभग्रह इन घरों में न पड़ें तो अच्छा । 6वा स्थान शत्रु व कर्ज, 8वा स्थान मृत्यु और 12वा स्थान व्यय व रोग का माना जाता है ।
शुभ ग्रह होते हैं - गुरु, शुक्र, बुध, चन्द्र
परंतु -
➡️ यदि 6वे घर मे गुरु आ जाये तो विख्यात करता है, कला संगीत के क्षेत्र में अच्छी सम्भावना देता है । 
➡️ यदि 8वे घर मे शुक्र या बुध आ जाये तो लायक न होते हुए भी विश्व विख्यात कर सकने की संभावना रखता है ।
➡️ यदि 12वे घर मे शुक्र विराजमान हो तो भोग विलास प्रचुर मात्रा में देता है, विपरीत लिंगी द्वारा सफलता भी ऐसे जातक /जातिका को प्राप्त होती है । ये लक्जिरियस लाइफ जीने में विश्वास रखते भी हैं, इनको वो प्राप्त होता भी है ।
तो 6, 8, 12 में शुभ ग्रह आ भी जाएं तो कुछ तो बुरा फल मिलता है, पर अच्छा फल बहुत ज्यादा प्राप्त हो जाता है । बुरे फल में मेरे मतानुसार पर्सनल इमेज का खराब होना एक बात हो सकती है जो मैंने देखा है ।
अधियोग क्या है ? 
इसको समझाते हुए शास्त्र मत से नितिन जी बतलाते हैं कि यदि तीन घरों में लगातार तीन शुभ ग्रह आ जाएं तो अधियोग बनता है । 
➡️जैसे चन्द्र से 6, 7, 8 में शुभ ग्रह बैठ जाएं । ये अनुमान से बहुत अधिक लाभ देते हैं । अशुभ स्थान माने जाने वाले 6,8 भी ऐसे में शुभ फल तीव्रता से देते हैं । 
➡️ इसकी तुलना नितिन जी एक शिप के एंकर के रूप में करते हैं । मतलब, कि किसी की कुंडली में ऐसा योग होने पर जीवन मे खूंटा गड़ जाना । स्थायित्व आ जाना और सुफल प्राप्त होना । 
➡️किसी भी भाव से भी यदि 6ठे, 7वे, 8वे घर में यदि शुभ ग्रह बैठ जाएं तो भी भाव अधियोग का निर्माण होता है । 
➡️भाव अधियोग में जिस भाव से 6,7,8 स्थान पर शुभ ग्रह हैं, उसके कारकत्व को प्रचुरता से फल प्रदान करने में सक्षम बनाता है । कुछ अन्य विशेषता देकर ।
खगोलीय दृष्टि से समझा जाये तो अधियोग सहज तो नहीं बनता । कारण क्या है कि बुद्ध और शुक्र सूर्य के आसपास रहते हैं । 
➡️बुध कुंडली मे सदैव सूर्य के साथ या सूर्य से एक घर आगे या पीछे होता है । 
➡️शुक्र सूर्य के साथ या सूर्य से दो स्थान आगे या पीछे हो सकता है ।
➡️सूर्य से दूरी होने पर इनके वक्री होने की संभावना भी सामने आ जाती है । 
➡️वक्री होने से तीव्र फल मिलते हैं, इनका अच्छे या बुरे फल से मतलब नही है । अच्छा मिलेगा तो भी तीव्र मिलेगा, बुरा मिलेगा तो भी तीव्र ही मिलेगा । 
➡️अधियोग में चन्द्र भी यदि सूर्य के आसपास हो जाये तो कमजोर चन्द्र ही होगा क्योंकि अमावस्या के पहले या बाद का अनुमान खगोलीय दृष्टि से लगता है । 
➡️वहीं, कोई भी ग्रह सूर्य के आसपास हो, जैसे चन्द्र 12° तक, गुरु 11° तक, शुक्र 9°तक, बुध 13° तक, के आसपास तो उसके अस्त होने की भी भरपूर सम्भावना रहती है ।
तो अब तक आप समझ चुके होंगे कि चन्द्र गुरु बुध और शुक्र जैसे शुभ ग्रह भी सूर्य के आसपास होने से इतनी सरलता से अधियोग भी नहीं बनाते । ये प्लेसमेंट काफी स्पेशल ही होता है ।
आशा करता हूँ कि ज्योतिष जिज्ञासुओ का इससे लाभ अवश्य हुआ होगा एवं 6,8,12 का प्रचलित भय भी शुभ ग्रहों की इनमें स्थिति होने से, दूर हुआ होगा ।
         🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

💥अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad