*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 9 मई 2026*
*🎈 वार- शनिवार *
*🎈 मास - ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - सप्तमी 14:02:08 तत्पश्चात् अष्टमी*
*🎈 नक्षत्र - श्रवण 23:23:44*
तक तत्पश्चात् धनिष्ठा*
*🎈योग - शुक्ल 26:34:36* तक तत्पश्चात् ब्रह्म*
*🎈करण - बव 14:02:08* तक तत्पश्चात् बालव 26:39:13*
*🎈राहुकाल - 09:12am से 10:52 am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि - मकर*
*🎈सूर्य राशि - मेष*
*🎈 सूर्योदय - 05:51:59*
*🎈 सूर्यास्त - 19:11:27*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:26 ए एम से 05:08 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:58 पी एम*
*🎈अमृत काल- 12:06 पी एम से 01:51 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 09 से 12:53 ए एम, मई 09*
*🎈 रवि योग 05:51 ए एम से 09:20 पी एम*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग - 05:51 ए एम से 11:24 पी एम
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण पंचमी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - विशेष - पंचमी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💥सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔱🌹ज्योतिष में सूर्य, बुध और शुक्र की वृश्चिक राशि में छठे भाव (Ripu Bhava) में युति एक मिश्रित और जटिल परिणाम देने वाली स्थिति है।....... 🌹
अमल विमल मन रघुपति आवैं।
सुमिरन करैं करांजलि जोरैं हिय पद कमल बसावैं।।
सिय चरनन नित माथा टेकैं मातु मातु गोहरावैं।
अवनिसुता चरनाम्बुज पूजैं नित रघुवर गुन गावैं।।
राम भगति अरजी मन लेखैं मैथिलि चरन चढ़ावैं।
सीतानाथ नाम करमाला जपि हरि हृदय बसावैं।।
रामदूत पद धूरि सहेजैं वज्र चरन नित ध्यावैं।
संकट हरन चरन हनुमत के निसि वासर मन लावैं।।
जपैं नित्य कपिराज नाम पद राम भगति करि कामा।
पुरवैं मोर आस कपिनन्दन देहिं मन्त्र प्रभु नामा।।
सियपति चरन भगति निधि एकहि सुफल जनम कर हेतू।
राम नाम जपनाम निरन्तर मुकुति मोख हित सेतू।।
देहु मोहि चरनन रति राघव लीलापद नित गावैं।
अमल विमल मन रघुपति आवैं।।
श्री हरि ॐ
ज्योतिष में सूर्य, बुध और शुक्र की वृश्चिक राशि में छठे भाव (Ripu Bhava) में युति एक मिश्रित और जटिल परिणाम देने वाली स्थिति है।
यहाँ मुख्य प्रभावों का विवरण दिया गया है:सूर्य-बुध-शुक्र 6ठे भाव (वृश्चिक) में प्रमुख प्रभावकार्यक्षेत्र में संघर्ष और सफलता (Career & Work): छठे भाव में सूर्य की उपस्थिति आपको अपने कार्यक्षेत्र में शत्रुओं या प्रतियोगियों पर विजय दिलाने की शक्ति देती है। आप एक प्रतिस्पर्धी
समस्या-समाधानकर्ता (troubleshooter) बन सकते हैं, विशेषकर कानूनी या सेवा-आधारित क्षेत्रों में। हालांकि, बुध और शुक्र का संयोजन कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ मतभेद या छिपे हुए संघर्ष का संकेत दे सकता है, विशेषकर अगर वे स्त्रियां हों।व्यक्तित्व और मानसिक स्थिति (Personality & Intellect): वृश्चिक राशि (जल तत्व) और 6ठे भाव के कारण आप अत्यधिक विश्लेषणात्मक (analytical) और गहरा सोचने वाले व्यक्ति होंगे। आप समस्याओं की तह तक जाने की क्षमता रखेंगे। सूर्य की उपस्थिति आपको अहंकारी या कठोर बना सकती है, लेकिन बुध की वजह से आपकी बुद्धि तीक्ष्ण होगी।स्वास्थ्य और कानूनी मामले (Health & Legal Issues):
छठा भाव स्वास्थ्य और ऋण का है। सूर्य यहाँ स्वास्थ्य के लिए चुनौतियाँ पैदा कर सकता है, जैसे सिरदर्द, आँखों की समस्या, या पिता का स्वास्थ्य खराब होना। यह युति कानूनी मामलों (litigation) या कर्ज का सामना करने का संकेत दे सकती है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है।व्यापार और फाइनेंस (Business & Finance): बुध (अष्टम/एकादश भाव का स्वामी) और शुक्र (सप्तम/द्वादश भाव के स्वामी) का मिलन यह दर्शाता है कि संघर्ष के बाद ही आपको लाभ होगा। साझेदारी के व्यवसाय में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि संघर्ष की संभावना है।रिश्ते (Relationships): शुक्र के छठे भाव में होने से वैवाहिक जीवन में तनाव या असंतोष हो सकता है। यह गुप्त प्रेम संबंधों का भी संकेत दे सकता है।वृश्चिक राशि (मंगल की राशि) में युति का विशेष प्रभावचूंकि यह युति वृश्चिक में है, जिसके स्वामी मंगल हैं, इसलिए जातक में गजब की ऊर्जा और सहनशक्ति (endurance) होगी। यद्यपि 6ठा भाव एक दुस्थान (अशुभ घर) है, लेकिन यह एक उपचय (वृद्धि करने वाला) भाव भी है, जो समय के साथ परेशानियों को दूर करता है।उपाय (Remedies)गणेश जी की पूजा करें: बुध को मजबूत करने और बुद्धि पाने के लिए।सूर्य को अर्घ्य दें: पिता के स्वास्थ्य और करियर में उन्नति के लिए।शुक्रवार को दान: शुक्र के दुष्प्रभावों को कम करने के लिए सफेद रंग की मिठाई या पेठा गरीबों को बांटें।हनुमान चालीसा का पाठ: मंगल के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए।
🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱



