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पञ्चाङ्ग 10 मई 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 10 मई 2026*
*🎈 वार-  रविवार *
*🎈 मास -  ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    अष्टमी    15:05:47 तत्पश्चात् नवमी*
*🎈 नक्षत्र - धनिष्ठा    24:49:01
 तक  तत्पश्चात्     शतभिष*
*🎈योग    -     ब्रह्म    26:07:48** तक तत्पश्चात्     ऐन्द्र*
*🎈करण    -     कौलव    15:05:47* तक तत्पश्चात् तैतुल*
*🎈राहुकाल - 05:32pm से 07:42 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि    - मकर* till 12:11:50*
*🎈चन्द्र राशि    -   कुम्भ    from 12:11:50*
*🎈सूर्य राशि     - मेष*
*🎈 सूर्योदय -   05:51:20*
*🎈 सूर्यास्त -        19:12:02* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:25 ए एम से 05:08 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:58 पी एम*
*🎈अमृत काल-    01:49 पी एम से 03:30 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 11 से 12:53 ए एम, मई 11*
 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण अष्टमी व्रत आज होगा (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - विशेष - अष्टमी के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
day


         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
night




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
  

🔱🌹🌸 उर्वशी का अर्जुन को श्राप – एक अद्भुत कथा
महाभारत काल की यह कथा है, जब अर्जुन स्वर्ग लोक गए थे। वहाँ देवताओं के राजा इंद्र ने उनका भव्य स्वागत किया, क्योंकि अर्जुन उनके पुत्र थे। 🙏
स्वर्ग में एक अत्यंत सुंदर अप्सरा थीं — उर्वशी। उनका सौंदर्य अतुलनीय था, और वे अपने नृत्य और आकर्षण के लिए प्रसिद्ध थीं। 🌺
जब उर्वशी ने अर्जुन को देखा, तो वे उनके तेज, वीरता और रूप पर मोहित हो गईं। उन्होंने अर्जुन के पास जाकर अपने प्रेम का प्रस्ताव रखा।
लेकिन अर्जुन ने विनम्रता से उत्तर दिया —
“हे देवी, आप हमारे पूर्वजों की पत्नी रही हैं, इसलिए आप मेरे लिए माता समान हैं।” 🙏
यह सुनकर उर्वशी को बहुत अपमान महसूस हुआ। उनका प्रेम अस्वीकार हो गया था, और क्रोध में आकर उन्होंने अर्जुन को श्राप दे दिया —
“तुम नपुंसक हो जाओगे!” ⚡
अर्जुन यह सुनकर विचलित हो गए, लेकिन उन्होंने इसे भी भगवान की इच्छा मानकर स्वीकार कर लिया।
बाद में जब अर्जुन ने यह बात इंद्र को बताई, तो इंद्र ने उन्हें समझाया —
“यह श्राप वास्तव में तुम्हारे लिए वरदान साबित होगा।” 🌟
और सच में…
अज्ञातवास के समय यही श्राप अर्जुन के काम आया।
उन्होंने “बृहन्नला” का रूप धारण किया और एक नृत्य-गुरु बनकर एक वर्ष तक सुरक्षित रहे।

           ✨ कथा की सीख:🙏
👉 संयम और मर्यादा सबसे बड़ा बल है
👉 हर कठिनाई में भी छिपा होता है कोई वरदान
👉 सच्चा योद्धा वही है, जो हर परिस्थिति को स्वीकार कर ले

           🚩 जय श्री कृष्ण 🚩

         🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

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