*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 16 मई 2026*
*🎈 वार- शनिवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - अमावस्या 25:30:03*
तत्पश्चात्* प्रतिपदा*
*🎈 नक्षत्र - भरणी 17:29:29*
तक तत्पश्चात् कृत्तिका*
*🎈योग - सौभाग्य 10:24:46* तक तत्पश्चात् अतिगंड*
*🎈करण - चतुष्पद 15:22:10* तक तत्पश्चात् नाग*
*🎈राहुकाल -09:10pm से 10:51pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- मेष*till 22:45:45
*🎈चन्द्र राशि- वृषभ from 22:45:45
*🎈सूर्य राशि- वृषभ *
*🎈 सूर्योदय - 05:47:48*
*🎈 सूर्यास्त - 19:15:24*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:22 ए एम से 05:04 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈अमृत काल- 01:15 पी एम से 02:40 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:10 ए एम, मई 17 से 12:52 ए एम, मई 17*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण अमावस्या व्रत शनि जयंती आज होगा (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - अमावस्या के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔱🌹🌸 🌹 💢💢शनि जयंती (ज्येष्ठ अमावस्या)‼️
❤️शनि जयंती का पर्व हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि पर मनाया जाता है ।।।
🛟ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर मुख्य रूप से शनि-शांति के कर्म, पूजा-अनुष्ठान, पाठ और दान आदि करने से शनि व पितृ दोषों की शांति होती है ।।।
‼️26 मई दिन सोमवार ज्येष्ठ अमावस्या और शनि जयंती है, कल के उपाय से आप शनि दोष को दूर कर सकते हैं ।।
खासकर ऐसे लोग जिनकी शनि की महादशा, शनि की अंतर्दशा, शनि की साढ़ेसाती , या शनि की ढैया चल रही है वह उपाय जरूर करें लाभ होगा ।।।
💢1. पीपल पेड़ - शनि का पीपल के पेड़ के साथ गहरा संबंध है ।।
शनि दोष को दूर करने के लिए कल शनि जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त के समय तांबे का लोटा में एक लोटा जल उसमें काला तिल डालकर पीपल पेड़ के पास एक सरसों तेल का दीपक जलाएं , शनि के वैदिक मंत्र पढकर एक लोटा जल पीपल पेड़ में दें और पुण: संध्या के समय सरसों तेल का दीपक फिर से जाकर पीपल पेड़ के पास जलाएं इसे शनि दोष दूर होगा ।।।
💢2. शमी वृक्ष -
शनि शांति के लिए शमी का वृक्ष एक महत्वपूर्ण उपाय है ।।
शनि अमावस्या को शमी वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और शनि दोष शांत होता है ।।
शमी वृक्ष के नीचे संध्या के समय सरसों तेल का दीपक जलाएं ।।
शमी के पत्तों को कल सुबह शिवलिंग पर अर्पित करें , ऐसे लोग जिनकी कुंडली में चंद्र शनि का योग है यह उपाय जरूर करें ।।
शमी के वृक्ष पर दूध या शहद मिलाकर चढ़ाएं, ऐसे जातक जिनकी कुंडली में शनि मंगल युति है ,वो उपाय को जरूर करें ।।
💢3. छाया दान - छाया दान का अर्थ होता है अपनी छाया का दान करना ।।
💢 शनि जयंती पर एक कांसे की कटोरी में सरसों का तेल और सिक्का डालकर उसमें अपनी परछाई देखें और शनि वैदिक मंत्र 11 बार जाप करें , उसके बाद सरसों तेल और कटोरी को शनि मंदिर के बाहर किसी गरीब को दान कर दें ।।।
💢4. अन्न दान -
काला तिल और उड़द , सरसों का तेल ,
कल शनि अमावस्या के दिन काला तिल , काला उड़द और सरसों तेल का दान अवश्य करें ।।
💢5. हनुमान जी की उपासना:
• शनि दोष को दूर करने के लिए हनुमान जी की पूजा आराधना की जाती है , आप कल सुंदरकांड का पाठ अवश्य करें ।।
💢* हनुमान मंदिर में एक शुद्ध देसी घी का दीपक , बूंदी लड्डू गरम जलेबी, भखड़ा नारंगी सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें ।।।
💢* शनि दोष को शांत करने के लिए गरीबों की मदद कीजिए जरूरतमंद लोगों को अन्य वस्त्र दान दीजिए ।।
💢* छाता जूता वस्त्र दान शनि का सबसे बड़ा दान है ।।
🤙शनि वैदिक मंत्र -
ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शंयोरभिस्त्रवन्तुनः"
💥इस मंत्र का अर्थ है, "हे देवी! हम आपकी शरण में आते हैं। हमें सुख और शांति प्रदान करें। हमारे कष्टों को दूर करें।"
🙇 #जयश्रीसीताराम 🙇
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱




