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आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक  29 मई 2026*
*🎈 वार- शुक्रवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    त्रयोदशी    09:50:07 
*तत्पश्चात्* चतुर्दशी*
*🎈 नक्षत्र -      स्वाति    10:37:01* तत्पश्चात् विशाखा*
*🎈योग    -     परिघ    28:34:41* तक तत्पश्चात्     शिव*
*🎈करण    - परिघ    28:34:41* तक तत्पश्चात्  गर*
*🎈राहुकाल -10:50pm से 12:33pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-       तुला    *
*🎈सूर्य राशि-       वृषभ    *
*🎈 सूर्योदय -   05:42:45*
*🎈 सूर्यास्त -        19:22:32* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:19 ए एम से 05:00 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  12:05 पी एम से 01:00 पी एम*
*🎈अमृत काल-    03:33 ए एम, मई 30 से 05:19 ए एम, मई 30*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:12 ए एम, मई 30 से 12:53 ए एम, मई 30*
*🎈रवि योग    10:38 ए एम से 05:41 ए एम, मई 30*
 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. त्रयोदशी व्रत  को  (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, त्रयोदशी तिथि के दिन कलम्बी (कलमी/करेमू) का साग खाने की मनाही होती है。मान्यता है कि इस तिथि पर इस विशेष पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से बचना चाहिए।
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

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  🙏 "🧘‍♂️ ​

 🔱#🌷 🥥 *अवैध संबंध, व्यक्ति की बर्बादी और पतन का सबसे बड़ा कारण*
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*अवैध संबंधों से खराब होते हैं आपके ग्रह और बनते हैं परेशानी का कारण।*

*ज्योतिष शास्त्र और वैदिक परंपराओं के अनुसार  आपके द्वारा बनाया गया कोई भी अवैध संबंध (परस्त्री गमन या परपुरुष गमन) आपके जीवन की सफलता और उन्नति में बहुत बड़ी बाधा उत्पन्न करता है।*

*यह न केवल सामाजिक और नैतिक रूप से गलत है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी यह व्यक्ति के भाग्य, राजयोग और संचित पुण्यों को नष्ट करने का सबसे बड़ा कारण बनता है।*

*ऐसे संबंध बनाने से कुंडली में कई महत्वपूर्ण ग्रह अत्यंत दूषित हो जाते हैं और गंभीर दोष उत्पन्न होते हैं।*

*अवैध संबंधों से कौन से ग्रह खराब होते हैं?*

*शुक्र* 
*शुक्र प्रेम, विवाह, चरित्र, सुख-सुविधाओं और धन का मुख्य कारक है। अवैध संबंध बनाने से शुक्र सबसे पहले और सबसे बुरी तरह पीड़ित होता है।*

*परिणाम, शुक्र के दूषित होने से व्यक्ति के जीवन से समृद्धि समाप्त हो जाती है। घर में आर्थिक तंगी, कर्ज और दरिद्रता आने लगती है। व्यक्ति का आकर्षण और तेज खत्म हो जाता है।*

*बृहस्पति*
*गुरु धर्म, नैतिकता, भाग्य, ज्ञान और मान-सम्मान का कारक है। जब कोई व्यक्ति अनैतिक मार्ग अपनाता है, तो उसका गुरु कमजोर हो जाता है।*

*परिणाम, गुरु के पीड़ित होने से समाज में अपयश (बदनामी) मिलती है। कार्यक्षेत्र (करियर) में अचानक रुकावटें आती हैं और व्यक्ति की प्रगति पूरी तरह रुक जाती है।*

*चंद्रमा*
*चंद्रमा मन और मानसिक शांति का कारक है। अवैध संबंधों में हमेशा छल, झूठ और पकड़े जाने का भय शामिल होता है।*

*परिणाम, इससे चंद्रमा राहु के प्रभाव में आ जाता है या दूषित हो जाता है, जिससे व्यक्ति हमेशा मानसिक तनाव, उलझन और डिप्रेशन में रहने लगता है। उसके निर्णय लेने की क्षमता नष्ट हो जाती है।*

*राहु*
*राहु भ्रम, वासना और पतन का कारक है।*

*परिणाम, ऐसे संबंधों से राहु की नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है, जो व्यक्ति को मतिभ्रम का शिकार बना देती है। राहु अचानक बड़ा नुकसान कराता है, जिससे व्यक्ति का बसा-बसाया घर और करियर बर्बाद हो जाता है।*

*अवैध संबंधों से कौन से भयंकर दोष लगते हैं?*

*स्त्री शाप या कलत्र दोष?*

 *अपनी धर्मपत्नी को धोखा देने से स्त्री शाप लगता है। यह दोष व्यक्ति के राजयोगों को भंग कर देता है और जीवन में कभी स्थायी सुख नहीं मिलने देता।*

*दरिद्र योग, शुक्र और गुरु के एक साथ पीड़ित होने से कुंडली में भले ही कितने भी अच्छे धन योग हों, वे दरिद्र योग में परिवर्तित होने लगते हैं।*

*चारित्रिक दोष, इससे व्यक्ति का सामाजिक पतन होता है और उसकी पीढ़ियों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।*

*अवैध संबंधों के विषय में प्रमाणित ज्योतिषीय ग्रंथों के संदर्भ*

*ज्योतिष के कई प्राचीन और प्रामाणिक ग्रंथों में इसका स्पष्ट उल्लेख मिलता है*

*बृहत् पाराशर होरा शास्त्र अध्याय 83 - स्त्री शाप से संतानहीनता तथा सप्तम भाव फलाध्याय।*

*संदर्भ, महर्षि पाराशर ने स्पष्ट रूप से वर्णन किया है कि जो व्यक्ति अपनी पत्नी को धोखा देता है या परस्त्री से संबंध बनाता है, उसे स्त्री शाप लगता है। इसके परिणामस्वरूप उसके जीवन में भयंकर कष्ट आते हैं, वंश वृद्धि में बाधा आती है और धन-संपत्ति का नाश होता है।*

*फलदीपिका (आचार्य मन्त्रेश्वर) अध्याय 10 - कलत्र भाव फलाध्याय तथा अध्याय 12 भाव फलाध्याय।*

*संदर्भ, यदि व्यक्ति अनैतिक यौन संबंधों में लिप्त होता है, तो उसका शुक्र अत्यंत बलहीन और दूषित हो जाता है। ऐसे व्यक्ति की आयु क्षीण होती है, यश धूल में मिल जाता है और वह अपने ही कर्मों से अपना सर्वनाश कर लेता है।*

*जातक पारिजात (वैद्यनाथ दीक्षित) अध्याय 14 - स्त्री जातक और सप्तम भाव विचार।*

*संदर्भ, इसमें चरित्र और आचरण की शुद्धता को कुंडली के बल का आधार माना गया है। वासना के वशीभूत होकर किए गए अनैतिक कार्यों से जन्म कुंडली के सभी शुभ योग और राजयोग भंग हो जाते हैं।*
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*आपका तन मन स्वस्थ्य रहें आप दीर्घायु हों आपका जीवन मंगलमय हो प्रभू की कृपा अनवरत आप पर बनी रहे।*
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🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
vipul

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