*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 01जून 2026*
*🎈 वार- सोमवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - प्रतिपदा (प्रथम,) 16:36:36
*तत्पश्चात्* द्वितीया*
*🎈 नक्षत्र - ज्येष्ठा 19:07:43* तत्पश्चात् मूल *
*🎈योग - कौलव 16:36:36* तक तत्पश्चात् साध्य*
*🎈करण - बव 14:14:10* तक तत्पश्चात् तैतुल*
*🎈राहुकाल -07:24am से 09:07am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि - वृश्चिक*till 19:07:43
*🎈चन्द्र राशि - धनु from 19:07:43*
*🎈सूर्य राशि- वृषभ *
*🎈 सूर्योदय - 05:42:05*
*🎈 सूर्यास्त - 19:24:02*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:19 ए एम से 05:00 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:06 पी एम से 01:01 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:12 ए एम, जून 02 से 12:53 ए एम, जून 02*
*🎈 अमृत काल 09:16 ए एम से 11:03 ए एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. प्रतिपदा व्रत (मासिक व्रत )* दही: पूर्णिमा को दही खाना वर्जित माना जाता है।
तिल का तेल: इस दिन तिल के तेल का सेवन करने और शरीर पर लगाने से बचना चाहिए।
*🎈विशेष - ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के अनुसार प्रतिपदा तिथि के दिन तिल के तेल से बनी चीजें और दही का सेवन नहीं करना चाहिए। इसे निषेध माना गया है। सेवन करने से बचना चाहिए।
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🙏 "🧘♂️ #***जय माता दी *** 🙏
मैंने ज्यादातर लोगो की कुंडली में पाया की राहु और मंगल से प्रभावी लोगो को क़र्ज़ में डूबे हुए है, और उनका कामकाज बिलकुल 0 हो चुका है, ब्याज पर उठाये पेंसे से जो काम किया हो ओ अब नुकसान देरा है,ऐसे लोगो कि कुंडली शुक्र और चंद्र कमजोर पाए गए है उनका सम्बन्ध राहु से बन रहा हो खास्तर राहु या मंगल 12 मे या मंगल 4,6और राहु 12 या 8 मे अगर धनेस निर्बल हो यानि की 4 से 12 अंश के माध्य या विर्धवस्था मे हैं ये जातक मानसिक रूप काफी परेशान है इस टाइम तोह हैं ही पर ज़ब कम परेशान थे कामकाज मे फाइनऐस की कमी आरी थी तब और पैसा उठा लिया जो खराबी के हालाद पैदा कर गया।
जनम कुंडली मे जब भी मंगल चंद्र और शुक्र खारबि मे हो ख़राब मंगल की दशा ज़िश्मे शनी या राहु चंद्र अन्नतर दशा मे आएँगे तो जातक की परेसानी एक के बाद एक बड़ती चली जाती हैं वो किसी भी काम से दुनियादारी और रिश्तों पिछड़ता जाता हैं लोग उशको परेसान ज़्यादा करते हैं और साथ कोई नहीं देता भाई रिस्तेदार पहले मुँह फेर देते है,यहाँ तक की ख़ास अपने भी जातक को जितना दुखी मंगल करता हैं उतना कोई भी नहीं यही जब वो राहु से जुड़ता हैं तो उसपर सिवाय बोझ के साथ कुछ नहीं चलता लोग क़र्ज़े के लिए परेसान होते रहते हैं और जिनसे लिया हैं ओ जीना हराम किये रहते हैं । और ये गोचर फल मे जिस भाव मे योग बनाते हैं उस भाव के फ़ल भी कहि ना कहि ख़राब होकर अचानक से चोट देते हैं इशलिए हम जब भी परेसान होते हैं यानी जब किसी जातक का समय सही नहीं होता तो वो अकसर एक सहारा दूँड़ता हैं की कोई उशको समझें उसका साथ दे फिर यानी डूबते को तिनके का सहारा काफ़ी होता हैं पर समय जो तब चल रा होता हैं वो अनुकूल नहीं होता उशको यतो धोखा देने वाला मिलता हैं या मजाक उड़ाने वाला मिलता हैं । अब जिनका शनि वक्री या नींच होकर अस्त है और वो लोग नौकरी पेशा है उनको अधिक दिक्कत रहती है की कब नौकरी छूट जाय पता नहीं क्यूंकि ये एक काम मे टिकते नहीं इनपर जिम्मेदारी भी अधिक होती है और इन्ही के घर मे दवाईया भी अधिक चलती है और आमदनी सिमित है,और ओ फिर इधर उधर से पैसा उठा के जीवन जीने लगते है धीरे धीरे उधारी का बोझ भी बढ़ता है, शनि कमजोर वाला आदमी या तो किराये के घर मे जीवन काटता है या घर होते हुए भी उसका सुख नी भोग पाता क्यूंकि उसे कमाने के लिए भटकना पड़ता है फिर यदि ओ घर भी है तोह सुख सुविधा का अभाव और घर मे से दरारे दिखनी लगती है सीलन रहती है..
👉उपाय सभी के कुंडली अनुसार ही दिए जाते है जबतक उसकी समस्या का असली कारण न समझ आये तबतक किसी भी तरह का उपाय काम नहीं करता बल्कि और नुक्सान कर देता है
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बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
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