*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 17 जुलाई 2026*
*🎈 वार- शुक्रवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि - तृतीया-06:27:14*am तक *तत्पश्चात चतुर्थी तिथि-28:42:15* (क्षय )*
*🎈 नक्षत्र - मघा-18:33:56 pm तक*तत्पश्चात पूर्वा फाल्गुनी*
*🎈योग - व्यतिपत-22:45:03* तक, तत्पश्चात् वरीयान*
*🎈करण- गर-06:27:14*
तक,तत्पश्चात् वणिज-17:29:21,विष्टि भद्र*
*🎈राहुकाल -10:59 am से 11:42am (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:52:23*
*🎈 सूर्यास्त-19:29:53*
*🎈 चन्द्र राशि- सिंह*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:28 ए एम से 05:10 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*12:14 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल- 04:18 पी एम से 05:49 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 18 से 01:02 ए एम, जुलाई 18*
*🎈 रवि योग -05:51 ए एम से 06:34 पी एम*
*🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष -द्वितीया तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है। एकादशी व्रत 11 जुलाई 2026 को (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- *आषाढ़ मास द्वितीय तिथि को हिंदू धर्म शास्त्रों और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, द्वितीया तिथि के दिन विशेष रूप से बैंगन, कटेहरी और कटहल का सेवन वर्जित माना गया है*
💥 गुप्त द्वितीय नवरात्र महात्म्य*☀️
*🏓16जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार गुरुवार का दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर कर्क, सिंह, धनु और राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी
💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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💢आज का राशिफल💢
💢मेष: दिन की शुरुआत ऊर्जा और उत्साह के साथ होगी। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में काम का दबाव अधिक रहेगा।
💢वृषभ (Taurus): मन में स्पष्टता रहेगी और कार्यों में सफलता मिलेगी। पुराना निवेश लाभ दे सकता है। व्यर्थ की भागदौड़ से बचें और अपनी वाणी पर संयम रखें।
💢मिथुन (Gemini): दिन मेहनत और समझदारी से आगे बढ़ने का है। कामकाज में व्यस्तता रहेगी। कागजातों को ठीक से पढ़कर ही कोई बड़ा निर्णय लें।
💢कर्क (Cancer): आपकी रुकी हुई इनकम शुरू हो सकती है। बिजनेस में नए और महत्वपूर्ण ऑर्डर मिलने के योग हैं। आर्थिक मामलों में लाभ होगा।
💢सिंह (Leo): आज जल्दबाजी और उत्साह में कोई गलती करने से बचें। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को सराहना मिलेगी। घर का माहौल सुखद रहेगा।
💢कन्या (Virgo): करियर और नौकरी में कोई बड़ा लाभ मिल सकता है। किसी भी तरह की जल्दबाजी या लापरवाही से बचें। धैर्य से काम लें।
💢तुला (Libra): आर्थिक तंगी दूर होने के योग हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार के साथ सुखद समय व्यतीत होगा।
💢वृश्चिक (Scorpio): दोस्तों और करीबियों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। काम में दूसरों की मदद करने से लाभ होगा। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
💢धनु (Sagittarius): नए बिजनेस की शुरुआत या निवेश के लिए दिन बहुत अच्छा है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।
💢मकर (Capricorn): नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या कोई अच्छी खबर मिल सकती है। सेहत का ध्यान रखें। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।
💢कुंभ (Aquarius): नौकरी में तरक्की और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी।
💢मीन (Pisces): पुराने बोझ और चिंताओं से राहत मिलेगी। बातचीत करते समय अपनी राय विनम्रता से रखें। किसी भी विवाद से दूर रहें।
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसेप्रश्न: यदि किसी व्यक्ति को कोई ऐसे #रोग हो जो #उपचार के बाद भी ठीक नही हो रहे हो,या ऐसे रोग जो समझ ही नही आ रहे हो उनलोगो के लिये ये पोस्ट बहुत महत्वपूर्ण होगी,
कृपया ध्यान से पढ़े......👇🏼👇🏼
#आरेक्षिते_यदि_विलग्न_गृहेअरीनाथे।
#माने$थवासततनुगे कृत्माभिचारम ।
#लग्नाधिपेन_सहिते_वनिजे_विलग्ने ।
#केन्द्रेअथवा_रिपुगतौ_तनुगे_तथा_स्यात ।।
♦️लग्न को मंगल देखता हो,षष्ठम का स्वामी 1,7,10,में हो तो होने बाले रोग
तन्त्र ,मन्त्र, या अभिचार , टोने टोटके,द्वारा होते हैं।
लग्नेश व मंगल साथ केन्द्र या लग्न में हो साथ ही षष्ठम का स्वामी केन्द्र या लग्न मे हो तो भी तान्त्रिक क्रिया द्वारा ही रोग होते हैं।।
#निर्जरदर्शनेन_जनितं_रोगं_सुखस्थानगे ।
#माने_लग्नगते_अथवामरगुरौ_केन्द्रे_समन्दात्मजे।
#मंदेस्ते_चर_लग्नगे_यदि_शुभे_पापेक्षिते_शीतगौ ।
#भूतप्रेतपिशाच_दर्शनवशादरोगं_समेति_ध्रुवम ।।
♦️बृहस्पति 1, 4 ,10 में हो गुलिक केन्द्र में हो जन्म लग्न चर राशि हो लग्न में शुभ ग्रह हो सप्तम में शनि हो चन्द्र्मा पर ग्रह की दृष्टि हो तो👇🏼👇🏼
👽उक्त योगों में भूत,प्रेत पिशाच👽
या शत्रुओं द्वारा अभिचार तन्त्र क्रिया से रोग होते हैं,,,
😊#चरे_विलग्ने_रिपुनाथदृष्टे ।
#कुजे_च_लाभे_स्थिरगे_च_धर्मे ।
#द्वंदेअस्तराशौ_प्रवदेन्नराणा_रोगं_रिपुणां_कृतमाभिचारम
♦️1लग्न को षष्ठमेश देखता हो चर लग्न हो तथा एकादश में मंगल हो
♦️स्थिर लग्न को षष्ठमेश देखे,एवं साथ ही नवम में मंगल हो
♦️द्विस्वभाव राशि लग्न में हो साथ ही लग्न पर षष्ठम के स्वामी की दृष्टि हो एवं मंगल यदि सप्तम में हो तो शत्रु द्वारा किये गये तन्त्र,मन्त्रोंके प्रयोग से असाध्य एवं गम्भीर रोग होते हैं,,,
💆#विशेष–यदि किसी भी व्यक्ति के साथ ईस प्रकार की समस्या हो जिनका अनेको बार उपाय या उपचार करवाने के बाद भी रोग या समस्या नही जाती हो तो,
आपको चाहिये किसी योग्य ज्योतिष के पास जाकर जन्म कुंडली में उपरोक्त योग की का परिक्षण करवायें।।
💥॥ श्री कालभैरवाय नमः ॥
वाराणस्याम् भैरवो देवः संसार-भय-नाशनः।
अनेक-जन्म-कृतं पापं दर्शनेन विनश्यति॥
🏵️अर्थ: काशी में विराजमान भगवान कालभैरव संसार के समस्त भय का नाश करने वाले हैं। उनके दर्शन मात्र से अनेक जन्मों के संचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं।
🏵️बाबा कालभैरव की महिमा🏵️
➡️भगवान कालभैरव, भगवान शिव के उग्र एवं न्यायकारी स्वरूप हैं। इन्हें काशी का कोतवाल कहा जाता है। मान्यता है कि बाबा कालभैरव की अनुमति के बिना काशी यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती। वे अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, शत्रु भय, नकारात्मक शक्तियों, अकाल मृत्यु और जीवन की बाधाओं से मुक्ति प्रदान करते हैं।
➡️जो श्रद्धापूर्वक बाबा कालभैरव का स्मरण करता है, उसके जीवन में साहस, आत्मबल, न्याय और सफलता का संचार होता है। भैरव साधना सदैव मर्यादा, श्रद्धा और सद्गुरु के मार्गदर्शन में ही करनी चाहिए।
💥पूजा विधि💥
💢प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। बाबा कालभैरव को सरसों के तेल का दीपक, काले तिल, पुष्प, बिल्वपत्र तथा नारियल अर्पित करें। इसके बाद "ॐ कालभैरवाय नमः" मंत्र की कम से कम 108 बार जप करें और कालभैरव अष्टक का पाठ करें।
🏵️मंत्र💲
👌ॐ कालभैरवाय नमः॥
👌श्री कालभैरव अष्टक (प्रथम श्लोक)
देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं
व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्।
नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगम्बरं
काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे॥
🌺लाभ
• भय और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा होती है।
• शत्रु बाधा एवं संकटों से मुक्ति मिलती है।
• आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होती है।
• काशी विश्वनाथ एवं कालभैरव की कृपा प्राप्त होती है।
• धर्म, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है।
👌महत्वपूर्ण सूचना: तांत्रिक या गूढ़ भैरव साधना सदैव योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करें। सामान्य श्रद्धालु केवल सात्त्विक पूजा, नाम-जप और कालभैरव अष्टक का पाठ करें।
♦️🍀🪔🍀♦️💢💧🕉️🙏🚩
💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "
🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
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💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️ ⚜️ 🕉🌞 🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱🌿





