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पञ्चाङ्ग 24 जुलाई 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

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*🎈दिनांक  24 जुलाई 2026*
*🎈 वार-    शुक्रवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -     दशमी सुबह 09:12:07 
तक तत्पश्चात् एकादशी*
*🎈 नक्षत्र -अनुराधा प्रातः 04:36 जुलाई 25 तक, तत्पश्चात् ज्येष्ठा*
*🎈योग    -     शुक्ल रात्रि 08:11 तक तत्पश्चात् ब्रह्म*
*🎈करण-    गर- 09:12:07 ए एम तक *,तत्पश्चात्  वाणिज्य*
*🎈राहुकाल -11:00 ए एम से 12:41 पी एम.(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:55:27*
*🎈 सूर्यास्त-19:26:58*
*🎈 चन्द्र राशि- वृश्चिक*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
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*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:31 ए एम से 05:13 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:14 पी एम से 01:09 पी एम*
*🎈 अमृत काल-    04:57 पी एम से 06:44 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 25 से 01:03 ए एम, जुलाई 25*
 *🎈रवि योग    - 05:55 ए एम से 04:36 ए एम, जुलाई 25*
 *🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग-    05:55 ए एम से 04:36 ए एम, जुलाई 25*
 *🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष  दशमी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है।  (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- *24 जुलाई 2026 को मिथुन राशि में बुध ग्रह के मार्गी होने से बातचीत और योजनाओं में स्पष्टता आएगी। वृश्चिक राशि में चंद्रमा के गोचर के कारण भावनाएं हावी रह सकती हैं, इसलिए धन और करियर के फैसलों में धैर्य बनाए रखना सबसे ज्यादा लाभदायक रहेगा।*

          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 

🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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        💢आज का राशिफल💢

💥मेष: परिवार के साथ समय बीतेगा, व्यापार में लाभ की स्थिति बेहतर होगी और आपके सभी रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं।

💥वृषभ: नया काम शुरू करने के लिए दिन उत्तम है। आर्थिक मामलों में सजगता से धन लाभ होगा और मान-सम्मान में वृद्धि होगी।

💥मिथुन: अनुभवी लोगों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सकारात्मक बदलाव होंगे और रुके हुए कागजी काम आगे बढ़ेंगे।

💥कर्क: आपके संपर्कों के जरिए बिजनेस में अच्छे ऑर्डर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सजगता बरतें और सकारात्मक रहें।

💥सिंह: आपकी लगातार कोशिशों से किसी पुरानी उलझन का समाधान निकलेगा। बिजनेस में पार्टनरशिप करने का कोई भी फैसला फायदेमंद रहेगा।

💥कन्या: परिस्थितियां आपके पक्ष में हैं। कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ा रहेगा, परंतु किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने से अभी बचें।

💥तुला: कार्यक्षमता को बल मिलेगा और कार्ययोजनाओं को आगे बढ़ाने का सही समय है। आत्मविश्वास बनाए रखें।

💥वृश्चिक: भावनाओं को संतुलित रखने का प्रयास करें। आज आपको रुकी हुई पेमेंट मिल सकती है।

💥धनु: साझीदारी के मामलों में गति आएगी। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा।

💥मकर: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी और आपका रुका हुआ काम पूरा होगा।

💥कुंभ: आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास सफल होगा। नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन उत्तम है।

💥मीन: कार्यस्थल पर आपकी रचनात्मक सोच और नए विचारों को सराहा जाएगा। सेहत सामान्य रहेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

    🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
    ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#🔅यह मानव शरीर देवी का मंदिर है, शक्ति पीठों की शक्ति आपके शरीर के प्रत्येक अंग में व्याप्त है।
 शक्ति की कृपा इस ब्रह्मांड के प्रत्येक जीव को प्राप्त है, क्योंकि उन्हीं की इच्छा से सब कुछ अस्तित्व में आया है। 
देवी की अपार कृपा का अनुभव केवल उनकी आंतरिक और बाह्य दोनों प्रकार से उपासना करने से ही होता है। 
कौल परंपरा में, सभी स्त्री, पुरुष और बच्चे देवी के स्वरूप के रूप में पूजे जाते हैं, क्योंकि किसी भी जीव में दिव्य स्वरूप की उपासना देवी को सबसे प्रिय होती है। 
जब आप किसी भी इच्छा की पूर्ति की लालसा/अपेक्षा के बिना उनके पास जाते हैं, तो उनका अनुभव आसानी से हो सकता है। इच्छा के अभाव में, मन शांत और स्थिर रहता है। जो व्यक्ति केवल दिव्य स्वरूप के साथ मिलन की इच्छा रखता है और नश्वर बोध से मुक्त हो जाता है, वही शिव हैं। 
शिव के गुण ही देवी अपने भक्त से अपेक्षा रखती हैं। केवल शिव के स्वरूप के साथ ही शक्ति का मिलन होता है। 
माँ की पूर्णता का अनुभव स्वयं (शिव) और सृष्टि (शक्ति) के आंतरिक मिलन से किया जा सकता है।
मंत्र जप एवं पूजा में ज्ञान की उपयोगिता। 

श्रीविद्या परंपरा के अत्यधिक प्रभावशाली गुरु, आचार्य और बहुज्ञ श्री भास्करराय माखिन (1690-1785) अपने वरिवस्यारहायस के निम्नलिखित छंदों में मंत्र साधना में ज्ञान के महत्व के बारे में सिखाते हैं:

नार्थज्ञानविकसनं शब्दस्योच्चारणं फलति।
भस्मानि वह्निविक्से न प्रक्षिप्तं हविर्ज्वलति ॥ 
अर्थमजानानां नानाविधशब्दमात्रपाठवताम्।
उपमेयश्चक्रिवान् मलयजभारस्य वोधैव ॥ 

बिना अर्थ जाने ध्वनियों का उच्चारण करना फलदायी नहीं होता, ठीक वैसे ही जैसे बिना अग्नि के राख में घी डालने से वह (तेज लपटों के साथ) नहीं जलती। जो लोग केवल मंत्रों की ध्वनियों का उच्चारण करते हैं, बिना अर्थ जाने, वे चंदन का बोझ ढोने वाले गधे के समान हैं (जिसे चंदन के मूल्य का कोई ज्ञान नहीं है)।

एतामुत्सृज्य जडैः क्रियमाणा बाह्यडम्बरोपास्तिः ।
प्राणविहीनेव तनुर्विगलितसूत्रेव पुत्तलिका ॥

 बताई गई बातों को नज़रअंदाज़ करके, लोग लगातार बाहरी पूजा-पाठ करते रहते हैं—वे बिना प्राण वाले शरीर या बिना डोर की कठपुतली की तरह भ्रम में रहते हैं।
जान-पहचान वालों के बीच अक्सर इस बात पर चर्चा होती है कि 'भक्ति/भाव' की कमी के कारण अभ्यास करने में हिचकिचाहट होती है। ऐसा ज़्यादातर इसलिए होता है क्योंकि किताबी ज्ञान रखने वाले लोग किताबों की बातों को उनके सही संदर्भ (context) के बिना लागू करने की कोशिश करते हैं।
ठीक वैसे ही जैसे परीक्षा की तैयारी करने पर नतीजे मिलते हैं, चाहे आपका मन पढ़ाई में लगे या न लगे; उसी तरह, उस समय आपकी भावनाएं कैसी भी हों, अगर आप अभ्यास करते हैं तो उसके नतीजे ज़रूर मिलेंगे।

किताबों से सीखी गई एक और बात जो लोग बिना सोचे-समझे दोहराते हैं, वह है जप करते समय जीभ न हिलाना; असल में, इस तरीके का मकसद सिर्फ़ मंत्र को मन ही मन महसूस करना होता है। 
गृहस्थ लोगों के लिए सबसे अच्छा तरीका है 'फुसफुसाकर' जप करना, जिसे सिर्फ़ जप करने वाला ही सुन सके, यहाँ तक कि पास बैठा व्यक्ति भी न सुन पाए। बीच का यह तरीका भौतिक और आध्यात्मिक, दोनों तरह के नतीजे देता है।
        
 💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।     
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 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
          बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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