*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 16 सितंबर 2026*
*🎈वार- बुधवार*
*🎈मास - भाद्रपद मास*
*🎈पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - दक्षिणायन*
*🎈ऋतु - शरद*
*🎈तिथि- पञ्चमी - 08:59 ए एम तक तत्पश्चात षष्ठी *
*🎈नक्षत्र- विशाखा - 05:22 पी एम तकतत्पश्चात अनुराधा*
*🎈करण - बालव - 08:59 ए एम तकतत्पश्चात् कोलव, तैतील*
*🎈योग- वैधृति - 12:23 पी एम तक तत्पश्चात्*विष्कम्भ*
*🎈राहुकाल- 12:30 पी एम से 02:02 पी एम (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:21 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:39.00 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- तुला - 10:49 ए एम तक तत्पश्चात वृश्चिक
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:47 ए एम से 05:34 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: नहीं है*
*🎈अमृत काल - 07:18 ए एम से 08:57 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:07 ए एम, सितम्बर 16 से 12:54 ए एम, सितम्बर 16*
*🎈रवि योग- 05:22 पी एम से 06:21 ए एम, सितम्बर 17*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- वर्ष 2026 में स्कंद सृष्टि का उपाय कवच आदि करें निश्चित आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
🌹ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, षष्ठी (Sasshti) तिथि को नीम का सेवन करना (नीम की पत्ती, फल या दातुन मुंह में डालना) पूरी तरह वर्जित है। शास्त्रों में माना गया है कि इस तिथि पर नीम के भक्षण से नीच योनियों की प्राप्ति होती है
🛟16 सितंबर 2026, बुधवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में मिले-जुले और सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष राशि: सामाजिक सक्रियता बढ़ेगी और कार्यक्षेत्र में किसी मित्र की मदद से बड़ी सफलता व प्रमोशन के योग हैं।
💥वृष राशि: विद्यार्थियों को इंटरव्यू या नौकरी में सफलता मिलेगी, और पुराने रुके हुए काम पूरे होंगे।
💥मिथुन राशि: लक्ष्य को लेकर गंभीर रहेंगे, अचानक अच्छी खबर मिलने से अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है।
💥कर्क राशि: मिला-जुला दिन रहेगा, समझदारी से काम लें और किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह उपयोगी साबित होगी।
💥सिंह राशि: मेहनत का पूरा फल मिलेगा, और डर को पार कर जीवन में नई शुरुआत करने के अवसर मिलेंगे।
💥कन्या राशि: स्पष्ट सोच और सही योजना से कार्यस्थल पर नियंत्रण मिलेगा, साथ ही प्रमोशन की खबर मिल सकती है।
💥तुला राशि: कार्यस्थल पर सहयोग और संतुलन बना रहेगा, जिससे करियर में तेजी आएगी।
💥वृश्चिक राशि: आत्मविश्वास और व्यक्तिगत प्रभाव मजबूत रहेगा, प्रेम जीवन में महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं।
💥धनु राशि: पुरानी बहसों के बाद भावनात्मक मामलों में सुधार होगा और नए अवसरों की ऊर्जा बनी रहेगी।
💥मकर राशि: आय के स्रोत बढ़ेंगे और एक स्पष्ट व व्यावहारिक फैसले से लंबे समय से चली आ रही चिंता दूर होगी।
💥कुंभ राशि: पुराने लगाव या पुरानी यादें नया कदम उठाने से रोक सकती हैं, इसलिए सोच-समझकर आगे बढ़ें।
💥मीन राशि: कुछ उम्मीदें पूरी होंगी हालांकि नतीजों में थोड़ी देर हो सकती है, रिश्तों में स्थिरता आएगी।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 🕉️ 🌸*🌙 🐘 क्या आप जानते हैं कि श्री गणेश ने महर्षि परशुराम के प्रहार को रोका क्यों नहीं और अपना एक दाँत क्यों टूटने दिया?
🌸 श्री गणेश के 'एकदन्त' होने की रहस्यमयी और पावन कथा 🌸
हम सभी विघ्नहर्ता श्री गणेश को 'एकदन्त' कहकर पूजते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका एक दाँत कैसे टूटा? यह कथा शौर्य, पितृ-भक्ति और क्षमा की एक अद्भुत मिसाल है।
⚔️ कैलाश पर विवाद:
पृथ्वी को क्षत्रिय-विहीन करने के बाद, जब महर्षि परशुराम अपने गुरु भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन करने कैलाश पहुँचे, तो द्वार पर श्री गणेश पहरा दे रहे थे। माता-पिता के विश्राम में कोई बाधा न आए, इसलिए गणेश जी ने परशुराम जी को द्वार पर ही रोक दिया।
⚡ अमोघ 'परशु' का प्रहार:
रोके जाने पर क्रोधी स्वभाव वाले परशुराम जी उग्र हो गए और दोनों के बीच युद्ध छिड़ गया। जब परशुराम जी का कोई वश नहीं चला, तो उन्होंने शिव जी द्वारा ही दिए गए अमोघ 'परशु' (फरसे) से प्रहार कर दिया।
श्री गणेश चाहते तो उस अस्त्र को विफल कर सकते थे, लेकिन अपने पिता (शिव जी) के अस्त्र का सम्मान रखने के लिए उन्होंने वह प्रहार अपने बाएँ दाँत पर झेल लिया। दाँत जड़ से टूटकर गिर पड़ा और त्रिलोक में हाहाकार मच गया! 🩸
🔥 माता पार्वती का क्रोध और श्री हरि का आगमन:
पुत्र की यह दशा देख माता पार्वती अत्यंत क्रोधित हो उठीं। तब साक्षात् भगवान श्री हरि (विष्णु) वहाँ प्रकट हुए। उन्होंने माता का क्रोध शांत किया और जगत-कल्याण के लिए श्री गणेश के 8 मंगलकारी नामों (नामाष्टक) का उपदेश दिया:
१. गणेश (ज्ञान और परब्रह्म स्वरूप)
२. एकदन्त (असीम बल के स्वामी)
३. हेरम्ब (दीनों के पालक)
४. विघ्ननाशक (विपत्तियों को हरने वाले)
५. लम्बोदर (विशाल उदर वाले)
६. शूर्पकर्ण (ज्ञान और संपदा के दाता)
७. गजवक्त्र (गजमुख वाले)
८. गुहाग्रज (कार्तिकेय जी के बड़े भाई)
✨ महिमा: भगवान विष्णु ने बताया कि जो भी भक्त तीनों संध्याओं में इन 8 नामों का पाठ करता है, उसके जीवन के सभी विघ्न नष्ट हो जाते हैं और उसे हर कार्य में विजय प्राप्त होती है।
🙏 क्षमा याचना:
श्री हरि की आज्ञा मानकर महर्षि परशुराम जी एक बालक की भाँति रोते हुए माता पार्वती के चरणों में गिर पड़े— "रक्ष रक्ष जगन्मातः अपराधं क्षमस्व मे।" (हे माता! मेरी रक्षा करें, मेरा अपराध क्षमा करें)। ममतामयी माँ ने अपना वात्सल्य लुटाते हुए उन्हें क्षमा कर चिरंजीवी होने का आशीर्वाद दिया।
॥ ॐ गं गणपतये नमः ॥ 🌺🙏
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩 🌺🙏
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




