*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 13 सितंबर 2026*
*🎈वार- रविवार*
*🎈मास - भाद्रपद मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - उत्तरायण*
*🎈ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि- द्वितीया - 07:08 ए एम तक तत्पश्चात तृतीया*
*🎈नक्षत्र- हस्त - 01:07 पी एम तक तत्पश्चात चित्रा*
*🎈करण - कौलव - 07:08 ए एम तक तत्पश्चात् तैतिल,गर*
*🎈योग- शुक्ल - 01:43 पी एम तक तत्पश्चात् ब्रह्म*
*🎈राहुकाल- 05:09 पी एम से 06:42 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:20 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:42 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-तुला*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:47 ए एम से 05:33 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:06 पी एम से 12:56 पी एम*
*🎈अमृत काल - 07:04 ए एम से 08:40 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:08 ए एम, सितम्बर 14 से 12:54 ए एम, सितम्बर 14*
*🎈रवि योग- 01:07 पी एम से 09:53 पी एम*
*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग- 06:19 ए एम से 01:07 पी एम*
*🎈अमृत सिद्धि योग- 06:19 ए एम से 01:07 पी एम*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- वर्ष 2026 में हरतालिका तीज का व्रत 14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा।
🌹ब्रह्म वैवर्त पुराण के अनुसार द्वितीया तिथि के दिन बृहती (कटेहरी या बैंगन) खाना निषिद्ध (वर्जित) है।
🛟13 सितंबर 2026 (रविवार) को चंद्रमा कन्या राशि में संचरण कर रहे हैं और शुक्ल योग तथा ब्रह्म योग का प्रभाव रहेगा।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष (Aries): निवेश के मामलों में जोखिम और लाभ को समझकर ही निर्णय लें। मानसिक रूप से सक्रिय रहेंगे, लेकिन अत्यधिक विचार करने से तनाव बढ़ सकता है।
💥वृषभ (Taurus): कार्यक्षेत्र में व्यस्तता अधिक रहेगी, इसलिए समय और बजट का उचित प्रबंधन आवश्यक है। पारिवारिक जीवन में तालमेल बनाए रखें।
💥मिथुन (Gemini): रुके हुए कार्य सफल होंगे और प्रगति के योग बनेंगे। वैवाहिक जीवन में थोड़ा धैर्य रखें और करीबी मामलों में अनावश्यक दखल न दें।
💥कर्क (Cancer): योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्य सफल होंगे। मन में उत्साह रहेगा और पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा।
💥सिंह (Leo): करियर और कारोबार के लिहाज से नए अवसर सामने आएंगे। आर्थिक स्थिति सामान्य और मजबूत बनी रहेगी।
💥कन्या (Virgo): चंद्रमा आपकी ही राशि में हैं, जिससे कार्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा। जल्दबाजी में कोई भी निर्णय न लें।
💥तुला (Libra): व्यापारिक समस्याओं का समाधान मिलने का समय है। पार्टनर के साथ खुलकर बातचीत करने से रिश्तों की गलतफहमियां दूर होंगी।
💥वृश्चिक (Scorpio): विरोधियों की सक्रियता से थोड़ा तनाव संभव है। अपनी योजनाओं को गुप्त रखें और सूझबूझ से काम लें।
💥धनु (Sagittarius): आलस्य और कार्यों को टालने की आदत से पूरी तरह बचें, तभी सुनहरे अवसरों का लाभ मिलेगा।
💥मकर (Capricorn): गुप्त शत्रुओं और चापलूस मित्रों से सावधान रहने की आवश्यकता है। सोच-समझकर आगे बढ़ें।
💥कुंभ (Aquarius): करियर और व्यापार में नए और सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। कार्ययोजनाओं को गति मिलेगी।
💥मीन (Pisces): सेहत का ध्यान रखें और पुराने स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सावधानी बरतें। धैर्य के साथ अपने उत्तरदायित्व निभाएं।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 🕉️ 🌸 भगवान श्री गणेश के 32 मंगलकारी स्वरूप 🌸
हिन्दू धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत प्रथम पूज्य श्री गणेश की उपासना से होती है। भगवान गणेश बुद्धि, विद्या और विवेक के देवता हैं। 'मुद्गल पुराण' के अनुसार, विघ्नहर्ता के 32 अत्यंत मंगलकारी स्वरूप हैं। मान्यता है कि इन 32 स्वरूपों के स्मरण मात्र से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और अपार सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आइए जानते हैं बप्पा के इन 32 दिव्य स्वरूपों के बारे में:
श्री बाल गणपति - छ: भुजाओं और लाल रंग का शरीर।
श्री तरुण गणपति - आठ भुजाओं वाला रक्तवर्ण शरीर।
श्री भक्त गणपति - चार भुजाओं वाला सफेद रंग का शरीर।
श्री वीर गणपति - दस भुजाओं वाला रक्तवर्ण शरीर।
श्री शक्ति गणपति - चार भुजाओं वाला सिंदूरी रंग का शरीर।
श्री द्विज गणपति - चार भुजाधारी शुभ्रवर्ण शरीर।
श्री सिद्धि गणपति - छ: भुजाधारी पिंगल वर्ण शरीर।
श्री विघ्न गणपति - दस भुजाधारी सुनहरी शरीर।
श्री उच्चिष्ठ गणपति - चार भुजाधारी नीले रंग का शरीर।
श्री हेरम्ब गणपति - आठ भुजाधारी गौर वर्ण शरीर।
श्री उद्ध गणपति - छ: भुजाधारी कनक (सोने) के रंग का शरीर।
श्री क्षिप्र गणपति - छ: भुजाधारी रक्तवर्ण शरीर।
श्री लक्ष्मी गणपति - आठ भुजाधारी गौर वर्ण शरीर।
श्री विजय गणपति - चार भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर।
श्री महागणपति - आठ भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर।
श्री नृत्त गणपति - छ: भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर।
श्री एकाक्षर गणपति - चार भुजाधारी रक्तवर्ण शरीर।
श्री हरिद्रा गणपति - छ: भुजाधारी पीले रंग का शरीर।
श्री त्र्यैक्ष गणपति - सुनहरे शरीर, तीन नेत्रों वाले चार भुजाधारी।
श्री वर गणपति - छ: भुजाधारी रक्तवर्ण शरीर।
श्री ढुण्डि गणपति - चार भुजाधारी रक्तवर्णी शरीर।
श्री क्षिप्र प्रसाद गणपति - छ: भुजाधारी रक्तवर्णी, त्रिनेत्र धारी।
श्री ऋण मोचन गणपति - चार भुजाधारी लाल वस्त्र धारी।
श्री एकदन्त गणपति - छ: भुजाधारी श्याम वर्ण शरीर धारी।
श्री सृष्टि गणपति - चार भुजाधारी, मूषक पर सवार रक्तवर्णी शरीर धारी।
श्री द्विमुख गणपति - पीले वर्ण के चार भुजाधारी और दो मुख वाले।
श्री उद्दण्ड गणपति - बारह भुजाधारी रक्तवर्णी शरीर, हाथ में कुमुदनी और अमृत का पात्र।
श्री दुर्गा गणपति - आठ भुजाधारी रक्तवर्णी और लाल वस्त्र पहने हुए।
श्री त्रिमुख गणपति - तीन मुख वाले, छ: भुजाधारी, रक्तवर्ण शरीर धारी।
श्री योग गणपति - योगमुद्रा में विराजित, नीले वस्त्र पहने, चार भुजाधारी।
श्री सिंह गणपति - श्वेत वर्णी आठ भुजाधारी, सिंह के मुख और हाथी की सूंड वाले।
श्री संकष्ट हरण गणपति - चार भुजाधारी, रक्तवर्णी शरीर, हीरा जडि़त मुकुट पहने।
🙏 || ॐ गं गणपतये नमः || 🙏
बप्पा के इन 32 मंगलकारी स्वरूपों के दर्शन और स्मरण से आपके जीवन के सभी संकट दूर हों!
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जय श्री कृष्णा! 🦚🚩
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




