*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक - 10 जनवरी 2026*
*🎈 दिन- शनिवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि- सप्तमी 08:23:12 तक तत्पश्चात् अष्टमी*
*🎈 नक्षत्र - हस्त 15:38:54 तक तत्पश्चात् चित्रा *
*🎈 योग - अतिगंड 16:57:25*pm तत्पश्चात् सुकर्मा*
*🎈करण - बव 08:23:13 pm तक तत्पश्चात् बालव*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 11:24am to 12:42 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈चन्द्र राशि - कन्या till 28:51:36*
चन्द्र राशि तुला from 28:51:36*
*🎈सूर्य राशि- धनु*
*🎈सूर्योदय - :07:27:33am*
*🎈सूर्यास्त - 17:57:45pm*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:39 ए एम से 06:32 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:22 पी एम से 01:04 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:16 ए एम, जनवरी 11 से 01:10 ए एम, जनवरी 11
*🎈 अमृत काल- 09:10 ए एम से 10:54 ए एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ......सप्तमी*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
कल से माघ मास प्रयागराज में कल्पवास*
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*🛟चोघडिया, दिन🛟*
नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।
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*🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐97 ji 🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★
√●*इष्ट देव (Ishta Devta) या देवी* का निर्धारण ★ 🔅👇
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√●*इष्ट देव (Ishta Devta) या देवी* का निर्धारण हमारे जन्म-जन्मान्तर के संस्कारों से भी होता है। ज्योतिष में जन्म कुंडली के पंचम भाव से पूर्व जन्म के संचित धर्म, कर्म, ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा, भक्ति और इष्टदेव का बोध होता है। यही कारण है अधिकांश विद्वान इस भाव के आधार पर इष्टदेव का निर्धारण करते है। नवम् भाव से उपासना के स्तर का ज्ञान होता है। हालांकि यदि आप अपने इष्ट देव निर्धारण नहीं कर पा रहे तो बिना किसी कारण के ईश्वर के जिस स्वरुप की तरफ आपका आकर्षण हो, वही आपके इष्ट देव (Ishta Devta) हैं ऐसा समझकर पूजा उपासना करना चाहिए या आप अपनी राशि के अनुसार अपने ईष्ट देव की पूजा कर सकते हैं।
_अपने इष्ट देव को आप कैसे प्रसन्न कर सकते है जानें राशि से_
– *मेष*- मेष राशि वाले लोग सूर्य देव की पूजा करें।
– *वृषभ*- वृष राशि वालों के लिए विष्णु जी की पूजा करना शुभ रहेगा।
– *मिथुन*- मिथुन राशि वाले लोग माता लक्ष्मी की पूजा करें।
– *कर्क*– कर्क राशि वाले लोग हनुमान जी का पूजन करें।
– *सिंह*- सिंह राशि वाले लोग गणेश जी को अपना इष्ट मानकर पूजा करें।
– *कन्या*- कन्या राशि वाले लोग मां काली का पूजन करना लाभकारी रहेगा।
– *तुला*- तुला राशि के लोग कालभैरव या शनि देव की पूजा करें।
– *वृश्चिक*- वृश्चिक राशि के जातक कार्तिकेय जी की पूजा करें।
– *धनु*- धनु राशि के जातक हनुमान जी की पूजा करें।
– *मकर*- मकर राशि के लोगों के लिए दुर्गा जी की पूजा करना लाभकारी रहेगा।
– *कुम्भ*- कुम्भ राशि के जातक विष्णु जी या सरस्वती जी की पूजा करें।
– *मीन*- मीन राशि वाले लोग शिव जी की पूजा करें तथा पूर्णिमा के चाँद को अध्र्य देकर दर्शन करें।
. 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱




