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पञ्चाङ्ग - 12-01-2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक - 12 जनवरी 2026*
*🎈 दिन-  रविवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शरद*
*🎈 मास - माघ मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈तिथि-    नवमी - 12:42 पी एम तक तक तत्पश्चात् दशमी*
*🎈 नक्षत्र -     स्वाती - 09:05 पी एम तक तक तत्पश्चात्     विशाखा    *
*🎈 योग    - धृति - 06:12 पी एम तक*pm तत्पश्चात्  शूल*     
*🎈करण    -         धृति - 06:12 पी एम तक am तक तत्पश्चात्     वणिज - 01:59 ए एम, जनवरी 13 तक*
*🎈राहुकाल -हर जगह का अलग है- 08:46:00am to 10:05 pm तक (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈चन्द्र राशि    - तुला    *
*🎈सूर्य राशि-     धनु*
*🎈सूर्योदय - :07:27:36am*
*🎈सूर्यास्त -    17:59:18pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल - पूर्व दिशा में*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:39 ए एम से 06:33 ए एम*(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:22 पी एम से 01:05 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:17 ए एम, जनवरी 13 से 01:10 ए एम, जनवरी 13*
*🎈    अमृत काल-    11:14 ए एम से 10:01 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व- ......दशमी*
*🎈विशेष माघ मास महात्म्य *
माघ मास प्रयागराज में कल्पवास चल रहा है* 
kundli


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    *🛟चोघडिया, दिन🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।
day



*🛟*
    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


  
 *🛟*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
🌷 ..# 💐🍁🍁✍️ | #🌕 👉 
👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐97 ji 🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★
√●*🛡️√●*🇯🇵*🛡️नव ग्रह में जिस प्रकार #सूर्य_को_राजा का दर्जा प्राप्त है उसी प्रकार चंद्र को स्त्री ग्रह होने के कारण रानी का पद मिला है। ★ 🔅👇
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★★★★
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शेष भाग से आगे...(2)

🛡️पौराणिक कथा

▪️पद्म पुराण के अनुसार ब्रह्माजी के पुत्र महर्षि अत्रि ने अपने पिता की आज्ञानुसार सृष्टि उत्पन्न करने के लिये एक विशेष प्रकार का तप किया जिसको अनुत्तर कहा जाता है। 

▪️तप की समाप्ति पर महर्षि अत्रि के नेत्रों से जल की कुछ बूंदे गिरी, उस जल की बूंदों के प्रकाश के प्रभाव से सारा जगत प्रकाश मान हो उठा। उस प्रकाश से प्रभावित होकर समस्त दिशाओं ने उस जल को पुत्र प्राप्ति के उद्देश्य से ग्रहण कर लिया। परंतु वह उस गर्भ रूपी जल को धारण किए रहने में असमर्थ रहे। 

▪️उन्होंने उस जल का त्याग कर दिया तब ब्रह्मा जी ने दिशाओं द्वारा परित्यक्त गर्भ को एक सुंदर युवक का रूप दे दिया तत्पश्चात ब्रह्मा जी उस युवक को अपने साथ ब्रह्म लोक ले गए और उसका नाम चंद्रमा रख दिया। नामकरण के समय ब्रह्मलोक में उपस्थित अन्य देव यक्ष गंदर्भ अप्सरा ऋषि-मुनियों द्वारा चंद्रमा की स्तुति किए जाने से चंद्र के तेज में और अधिक वृद्धि हो गई। जिसके प्रभाव तथा वातावरण के सहयोग करने से पृथ्वी लोक में अनेक प्रकार की दिव्य औषधियों की उत्पत्ति हुई।

🛡️दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार 
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▪️ब्रह्मा जी द्वारा उत्पन्न किए आदि पुरुष मनु की तीन पुत्रियां थी जिनमें #देवहुति नाम की दूसरी कन्या का विवाह ब्रह्मा जी के पुत्र महर्षि से हुआ इन दोनों के संयोग से नौ कन्याओं का जन्म हुआ इसमें दूसरी कन्या #अनुसुइया का विवाह महर्षि अत्रि से हुआ इनके संयोग से तीन पुत्रों का जन्म हुआ जिनका नाम #दत्तात्रेय दुर्वासा व #सोम अर्थात चंद्र था। 

▪️मतानुसार सूर्य की किरणों से लगभग एक लाख योजन की दूरी पर चंद्रमा की स्थिति है। नव ग्रहों में सर्वाधिक गति चंद्र की है यह एक राशि में लगभग सवा दो दिन रहता है।

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🛡️वैज्ञानिक परिचय

▪️वैज्ञानिकों के आधार पर चंद्रमा पृथ्वी का ही एक ऐसा भाग है जो कालांतर में अपनी गुरुत्वाकर्षण शक्ति को त्यागकर पृथ्वी से दूर सौरमंडल में एक ग्रह के रूप में पृथ्वी की परिक्रमा करता है। कुछ वैज्ञानिकों का मत है कि अन्य ग्रहों की भांति चंद्र की उत्पत्ति सूर्य से ही हुई है। कुछ कहते हैं कि चंद्र भी पृथ्वी की भांति एक गैस का गोला था। यह अंदर ही अंदर खौलता रहता था। जो धीरे-धीरे ठंडा हो गया चंद्रमा पृथ्वी के सबसे निकट है। 

▪️यह पृथ्वी से 238 हजार मील की दूरी पर है। यह एक तीव्रगामी ग्रह है। यह 2180 मील प्रति घंटे की गति से चलकर 27 दिन 7 घंटे 44 मिनट में 52 सेकेंड में पूर्ण भचक्र (सौरमंडल) की परिक्रमा करता है।

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शेष भाग आगे........(३)

.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी संबद्ध विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लेवें...*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱
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