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आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक  26 मई 2026*
*🎈 वार- मंगलवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -    एकादशी    अहोरात्र*तत्पश्चात्* एकादशी व्रत*
*🎈 नक्षत्र -      हस्त    29:55:46* तत्पश्चात् हस्त*
*🎈योग    -     सिद्वि    27:09:25* तक तत्पश्चात्     व्यतिपत*
*🎈करण    - वणिज    17:42:17* तक तत्पश्चात् विष्टि भद्र*
*🎈राहुकाल -03:57pm से 05:39pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-      कन्या*
*🎈सूर्य राशि-       वृषभ    *
*🎈 सूर्योदय -   05:43:36*
*🎈 सूर्यास्त -        19:20:58* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:20 ए एम से 05:01 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  12:05 पी एम से 01:00 पी एम*
*🎈अमृत काल-    11:29 पी एम से 01:13 ए एम, मई 27*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:11 ए एम, मई 27 से 12:53 ए एम, मई 27*
*🎈रवि योग- पूरे दिन*

 *🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. एकादशी व्रत बुधवार को  (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, दशमी तिथि के दिन कलम्बी (कलमी/करेमू) का साग खाने की मनाही होती है。मान्यता है कि इस तिथि पर इस विशेष पत्तेदार सब्जी का सेवन करने से बचना चाहिए।
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

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🔱🌹🌸💢 हनुमान चालीसा, प्राणायाम का उच्च स्तर और अष्टसिद्धि विज्ञान 💢🔱
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🔱#विवाह_हेतु_कुण्डली_मिलान_एवं_सही_मुहूर्त_की_गणना :
वर कन्या के विवाह का मिलान सही नहीं होने पर कई बार बहुत कष्टकर स्थितियां उत्पन्न होते देखी गयी है, एक मामले में वर ने शादी के कुछ दिन बाद ही आत्महत्या कर लिया, दूसरे मामले में कन्या शादी के सात माह बाद जहर खाकर जान दे दी, इस प्रकार की बहुत सारी घटनाएं सामने आती रहती हैं, अतः शादी निश्चित करते समय कम्प्युटर साफ्ट वेयर से गुण मिलान तक सीमित न रहें, क्योंकि आज कम्प्यूटर का जमाना है जिसे देखो अपने अपने कम्प्यूटर में कोई न कोई सोफ़्टवेयर ज्योतिष वाला डालकर बैठा है, जैसे ही किसी भी वर कन्या की विवाह वाली बात की जाती है सीधे वर और कन्या की जन्म तारीख समय आदि बायोडाटा के साथ कुण्डली बना ली जाती है और उससे सीधे गुण मिलान कर #विवाह के लिये उपयुक्तता देखा जाता है, गुण चक्र नाड़ी दोष और भकूट दोष आसानी से कम्पयूटर का साफ़्टवेयर निकाल कर दे देता है, मंगल चाहे वक्री हो अस्त हो कम डिग्री का हो फिर भी उसमें मंगली दोष बताते देर नही लगती है,#चन्द्रमा चाहे बाल हो वृद्ध हो अस्त हो नीच का हो, उसे नजरअंदाज कर कुण्डली मिलान कर दिया जाता है, #कन्या का गुरु बल चाहे बहुत ही कमजोर हो, वर का सूर्य बल चाहे बिलकुल ही नही मिलता हो, लेकिन कम्प्यूटर के अनुसार गुण चक्र बताने मे कतई देर नही लगती है, और फ़टाफ़ट फ़ैसला भी हो जाता है, चाहे दोनो का #चन्द्र बल बहुत ही अच्छा हो नहीं देखा जाता ! इस प्रकार से कितने मामलों में अर्थ के अनर्थ हो जाते हैं जिसका दुष्प्ररिणाम बाद में सामने आता है ! जिन लोगों को वास्तव मे सही ज्योतिषीय गणना करने की जानकारी नही है वह आसानी से वर-कन्या के गुण दोष बताने लगते है और जब उनसे कोई बात पूँछी जाती है तब वह अपने ज्ञान को सर्वोच्च बताते हुए, अपने अनाप सनाप वाचाली नीति को बताने लगते हैं !
#विवाह हेतु कुण्डली मिलान करते समय अष्टकूट के गुण का मिलान तो करना ही चाहिए साथ ही वर कन्या के चन्द्रबल, सूर्यबल, गुरुबल, वैधव्य योग, तलाक योग, निःसंतान योग, नपुंसक योग, सैय्या सुख पीड़ित योग, सप्तम भाव, सप्तमेश, लग्न व लग्नेश की मजबूत कमजोर स्थिति पर भी अवश्य ध्यान देना चाहिए ! मांगलिक दोष का सावधानी पूर्वक विचार कर लेना चाहिए ! गण दोष, भकूट दोष, नाड़ी दोष, ग्रहमैत्री अवश्य देखना चाहिए ! यह सब बातें अनुकूल होने पर विवाह हेतु स्वीकृति देनी चाहिए ! इसके बाद बात आती है विवाह के शुभ मुहूर्त व तिथि की उसपर हम आगे विचार करेंगे !

#विवाह_के_शुभ_नक्षत्र .....

मूल, अनुराधा, मृगशिरा, रेवती, हस्त, उत्तराफ़ाल्गुनी, उत्तराषाढा, उत्तराभाद्रपद, स्वाती, मघा व रोहिणी इन नक्षत्रो मे और ज्येष्ठ, माघ, फ़ाल्गुन, बैशाख, मार्गशीर्ष एवं आषाढ इन महीनो मे विवाह करना शुभ होता है ! विवाह का सामान्य दिन पंचांग मे लिखा रहता है अत: पांचांग से दिन निकालकर उसको लेकर उस दिन वर कन्या के लिये यह विचार करना चाहिए कि उस दिन कन्या के लिये गुरुबल वर के लिये सूर्य बल दोनो के लिये चन्द्रबल उपयुक्त है या नहीं यह अवश्य देख लेना चाहिये।

#गुरुबल_विचार ....

गुरु, कन्या की राशि से नवम एकादश द्वितीय और सप्तम राशि मे शुभ होता है ! दशम, तृतीय, छठा और प्रथम राशि मे दान देने से शुभ हो सकता है परन्तु चौथीे आठवीं व बारहवीं राशि मे अशुभ होता है !
#सूर्यबल_विचार ......
. सूर्य वर की राशि से तीसरा, छठा, दसवां, ग्यारहवाँ शुभ होता है, दूसरा, पांचवाँ, सातवाँ और नौवाँ दान देने से शुभ हो सकता है ! परन्तु चौथा आठवां और बारहवां सूर्य हर हालत में अशुभ होता है !
#चन्द्रबल_विचार ......
चन्द्रमा वर और कन्या की राशि से तीसरा, छठा, सातवां, दसवाँ, ग्यारहवां शुभ होता है ! पहला, दूसरा, पांचवां, नौवां दान से शुभ हो सकता है, और चौथा, आठवां व बारहवां अशुभ होता है !
#विवाह_में_त्यागने_वाली_लगनें ......
दिन मे तुला, वृश्चिक और रात्रि में मकर लग्न बधिर रहती है, दिन मे सिंह, मेष, वृष और रात्रि में कन्या, मिथुन, कर्क लग्न अन्धी रहती हैं, दिन मे कुंभ और रात्रि मे मीन दोनो लगने पंगु हैं, सिंह, मेष, वृष, मकर, कुम्भ, मीन यह लगन सुबह और शाम के समय कुबड़ी होती हैं !
#त्यागने_वाली_लगनों_का_फ़ल .....
यदि विवाह बधिर लगन मे होता है तब वर कन्या चाहे कुबेर के खजाने से लदे हुये जाये लेकिन दरिद्र हो जायेंगे, दिन की अन्धी लगनो मे विवाह किया जाता है तब कन्या को वर से अलगाव व दूरी मिलनी ही है, रात्रि की अन्धी लगन में विवाह होता है तब संतति होने में बाधा उत्पन्न होती है, यदि किसी तरह उपाय से संतान होती भी है तब जिन्दा नही रहती, लगन पंगु होती है तब धन नाश और परिवार की मर्यादा का नाश होने लगता है !

#लगन_शुद्धि ....

लगन से बारहवे शनि दसवे मंगल तीसरे शुक्र लग्न मे चन्द्रमा और क्रूर ग्रह अच्छे नही होते है ! लगनेश और सौम्य ग्रह आठवें भाव मे अच्छे नही होते हैं ! सातवे भाव मे कोई भी ग्रह शुभ नही होता है !

#ग्रहों_का_बल .....

पहले चौथे पांचवे नवें और दसवे स्थान मे गुरु सब दोषों को नष्ट करने वाला होता है ! सूर्य ग्यारहवे स्थान पर होने पर तथा चन्द्रमा वर्गोत्तम लग्न मे स्थिति होने पर नवमांश दोष को नष्ट कर देता है ! बुध, लगन से चौथे, पांचवे, नौवें और दसवें स्थान मे हो तब अक्सर खराब से खराब दोष को भी शुभ कर देता है ! लग्न का स्वामी और नवमांश का स्वामी एक ही भाव राशि में स्थित हों तब भी अक्सर दोष शांति माना जाता है !
🙇 #जयश्रीसीताराम🙇 ​📢 ​📍 

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
vipul

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