*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 19 मई 2026*
*🎈 वार- मंगलवार*
*🎈 मास - अधिक ज्येष्ठ मास प्रारंभ*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि - तृतीया 14:17:57*
तत्पश्चात्* चतुर्थी*
*🎈 नक्षत्र - मृगशीर्षा 08:40:47*
तक तत्पश्चात् नक्षत्र आद्रा 06:11:00
नक्षत्र पुनर्वसु 28:11:10**
*🎈योग - धृति 17:47:40* तक तत्पश्चात् शूल*
*🎈करण - गर 14:17:57* तक तत्पश्चात् वणिज*
*🎈राहुकाल -03:55pm से 05:37pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि मिथुन *
*🎈सूर्य राशि- वृषभ *
*🎈 सूर्योदय - 05:46:15*
*🎈 सूर्यास्त - 19:17:04*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:21 ए एम से 05:03 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:05 पी एम से 12:59 पी एम*
*🎈अमृत काल- 09:14 पी एम से 10:40 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:11 ए एम, मई 20 से 12:52 ए एम, मई 20*
*🎈 अमृत सिद्धि योग 11:32 ए एम से 05:45 ए एम, मई 19*
*🎈 रवि योग- 08:41 ए एम से 05:45 ए एम, मई 20 *
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. तृतीया व्रत द्वितीया चंद्र दर्शन आज होगा (मासिक व्रत )*
*🎈विशेष - तृतीया के पवित्र अवसर पर सात्विकता बनाए रखने के लिए मांसाहार, शराब, प्याज, लहसुन और अन्य तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन शुद्धता का विशेष महत्व है, इसलिए घर में बना सादा और शुद्ध भोजन ही करें। इसके साथ ही, अंधेरे में न रहने और क्रोध/कलह से बचने की भी सलाह दी जाती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- अधिक जेष्ठ मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💢सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी
🛟मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔱🌹🌸 🌹 💢💢महाभारत में एक प्रसंग आता है- जब पांडवों को बार-बार अपमान, षड्यंत्र और अन्याय का सामना करना पड़ा तब भी श्रीकृष्ण ने उन्हें हर छोटे विवाद में अपनी शक्ति नष्ट करने की सलाह नहीं दी।
यदि पांडव केवल अपमानों का उत्तर देने और हर व्यक्ति से उलझने में ही लगे रहते तो शायद वे कभी धर्मस्थापना के उस लक्ष्य तक नहीं पहुँच पाते जिसके लिए उनका जन्म हुआ था। अर्जुन का ध्यान यदि हर ताने, हर विरोध और हर छोटे संघर्ष पर होता, तो वह गांडीव उठाकर इतिहास नहीं रच पाता।
जीवन भी बिल्कुल ऐसा ही है। जो लोग हमेशा खेतों की मेड़ों, छोटी-छोटी सीमाओं और तुच्छ विवादों में उलझे रहते हैं, वे वहीं ठहर जाते हैं। उनकी ऊर्जा आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों से लड़ने में समाप्त हो जाती है।
याद रखिए आपके विरोध में लोग अवश्य आएंगे, आलोचना भी होगी, बाधाएँ भी आएंगी; परंतु हर पत्थर उठाकर जवाब देना बुद्धिमानी नहीं है।
नदी कभी रास्ते के पत्थरों से लड़ती नहीं, वह उन्हें पार करके आगे बढ़ जाती है इसलिए अपनी शक्ति को विवादों में नहीं, अपने लक्ष्य, अपने कर्म और अपनी प्रगति में लगाइए।
समय स्वयं सिद्ध कर देगा कि कौन मेड़ों में अटका रह गया और कौन क्षितिज तक पहुँच गया।
🙇#जयश्रीसीताराम🙇
💥अनावश्यक व्यय से बचें..
और बताए गए उपाय निरंतर करते रहें।‼️
💢सूर्य राज्य और राजा है तो भारत की उन्नति और भव्यता को बनाए रखने के लिए नित्य 1/5/7/9/11 यथा संभव हनुमान चालीसा का पाठ देश के लिए करें। इससे आपका सूर्य उत्तम फल देगा विवेकशीलता और इम्यूनिटी बढ़ेगी जिससे रोगों का नाश होगा और अनेक लाभ होंगे।*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹। 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱




