Type Here to Get Search Results !

आज का पञ्चाङ्ग

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 30 जून 2026*
*🎈 वार-मंगलवार*
*🎈 मास -  आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -     प्रतिपदा-          *अहोरात्र*
*तत्पश्चात  प्रथम*
*🎈 नक्षत्र -         पूर्वाषाढा    30:50:24* तक* तत्पश्चात्      पूर्वाषाढा*
*🎈योग    -         ब्रह्म    15:17:50* तक तत्पश्चात् ऐन्द्र*
*🎈करण-        ब्रह्म    15:17:50* तक तत्पश्चात् कौलव*
*🎈राहुकाल -04:06pm  से 05:49 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि-      धनु*
*🎈सूर्य राशि-       मिथुन*
*🎈 सूर्योदय -   05:44:57*
*🎈 सूर्यास्त -        19:32:24* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
ram


*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:22 ए एम से 05:03 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त* 12:11 पी एम से 01:06 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:19 ए एम, जुलाई 01 से 12:59 ए एम, जुलाई 01*
*🎈 अमृत काल -    01:29 ए एम, जुलाई 01 से 03:17 ए एम, जुलाई 01*

*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण. ब्रह्मवैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड) के अनुसार, वट सावित्री पूर्णिमा तिथि के दिन 
*🎈विशेष - वट पूर्णिमा वट पूर्णिमा एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जो विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन वट यानी बरगद के पेड़ की पूजा का विशेष विधान है।इस बार वट पूर्णिमा का व्रत 29 जून को रखा जा रहा है।
*🎈विशेष:- जेष्ठ मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 

  
      
        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
       ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।।  जय श्री राम  ।।

॥ 🌹🌹🌹🌹🟡 👉27 नक्षत्र - पूरे नाम क्रम से:*

1. *अश्विनी* 
2. *भरणी*
3. *कृत्तिका*
4. *रोहिणी*
5. *मृगशिरा*
6. *आर्द्रा*
7. *पुनर्वसु*
8. *पुष्य*
9. *आश्लेषा*
10. *मघा*
11. *पूर्वाफाल्गुनी*
12. *उत्तराफाल्गुनी*
13. *हस्त*
14. *चित्रा*
15. *स्वाती*
16. *विशाखा*
17. *अनुराधा*
18. *ज्येष्ठा*
19. *मूल*
20. *पूर्वाषाढ़ा*
21. *उत्तराषाढ़ा*
22. *श्रवण*
23. *धनिष्ठा*
24. *शतभिषा*
25. *पूर्वाभाद्रपद*
26. *उत्तराभाद्रपद*
27. *रेवती*

👉2 खास बातें याद रखो:*
1. *हर नक्षत्र के 4 चरण होते हैं* → 27 x 4 = 108 चरण। माला 108 की इसी से बनी।
👉2. *अभिजीत 28वां नक्षत्र* भी माना जाता है पर वो उत्तराषाढ़ा + श्रवण के बीच में आता है। मुहूर्त में काम आता है।

👉ज्योतिष में नक्षत्रों को स्वभाव के आधार पर बांटा गया है। 
मुख्य 2 प्रकार: क्रूर/उग्र और सौम्य/मृदु।*

*1. क्रूर नक्षत्र - उग्र/तीक्ष्ण नक्षत्र: 9 नक्षत्र*
*ये उग्र, तेज, तोड़-फोड़ वाले काम के लिए शुभ माने जाते हैं। शुभ काम में वर्जित।*
**नक्षत्र** **स्वभाव** **कब काम आते**
**1. भरणी** उग्र कोर्ट-कचहरी, ऑपरेशन, शत्रु नाश
**2. कृत्तिका** तीक्ष्ण अग्नि कार्य, हथियार, सर्जरी
**3. आर्द्रा** तीक्ष्ण जादू-टोना निवारण, जहर उतारना
**4. आश्लेषा** तीक्ष्ण सांप, जहर, गुप्त विद्या
**5. मघा** उग्र पितृ कार्य, अधिकार प्राप्ति
**6. ज्येष्ठा** तीक्ष्ण पुलिस, सेना, सख्त फैसला
**7. मूल** तीक्ष्ण जड़ से उखाड़ना, तंत्र-मंत्र
**8. पूर्वाषाढ़ा** उग्र जल से जुड़ा आक्रामक काम
**9. शतभिषा** तीक्ष्ण दवा-दारू, नशा मुक्ति, रहस्य
*नोट:* इनमें *विवाह, गृहप्रवेश, मुंडन* जैसे शुभ काम नहीं करते।

*2. सौम्य नक्षत्र - मृदु/मैत्र नक्षत्र: 7 नक्षत्र*
*ये शांत, कोमल, शुभ काम के लिए सर्वश्रेष्ठ। दोस्ती, प्रेम, कला के काम में बढ़िया।*
**नक्षत्र** **स्वभाव** **कब काम आते**
**1. अश्विनी** क्षिप्र+सौम्य यात्रा, दवा शुरू, वाहन खरीद
**2. मृगशिरा** मृदु गाना-बजाना, प्रेम, कपड़े-गहने
**3. पुनर्वसु** चर+सौम्य गृहप्रवेश, खेती, वापसी
**4. पुष्य** सौम्य-राजा हर शुभ काम, सोना खरीद, मंत्र दीक्षा
**5. हस्त** क्षिप्र+सौम्य कला, लिखाई, व्यापार शुरू
**6. चित्रा** मृदु डिजाइन, श्रृंगार, फैक्ट्री काम
**7. रेवती** मृदु विवाह, यात्रा अंत, दान-पुण्य
*पुष्य नक्षत्र = नक्षत्रों का राजा।* इसमें किया काम कभी बिगड़ता नहीं।

*3. बाकी बचे नक्षत्र - मिश्रित स्वभाव:*
*साधारण/चर/ध्रुव नक्षत्र* → रोहिणी, उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तराभाद्रपद, स्वाती, विशाखा, अनुराधा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वाफाल्गुनी।  
*ये न क्रूर हैं न सौम्य* - काम के हिसाब से देखे जाते हैं।

*याद रखने का जुगाड़:*
*क्रूर = "भ-कृ-आ-आ-म-ज्ये-मू-पूवा-शत"* → भरणी से शतभिषा तक उग्र वाले।  
*सौम्य = "अ-मृ-पु-पुष-ह-चि-रे"* → अश्विनी से रेवती तक शांत वाले।

 स्वास्थ्य के लिए पुष्य, रेवती, अश्विनी नक्षत्र शुभ हैं - इन दिनों दवा शुरू कर सकते हैं।
" तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः । "
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️

    
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

💥अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे इस चैनल को फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR
      ♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad