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पञ्चाङ्ग 21 जुलाई 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

Jyotis


*🎈दिनांक  21 जुलाई 2026*
*🎈 वार-    मंगलवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -     अष्टमी - 29:16:00am तक *तत्पश्चात नवमी* 
*🎈 नक्षत्र - चित्रा 20:48:53 पी एम तक*तत्पश्चात स्वाति*
*🎈योग    -     सिद्ध - 18:24:18 पी एम* तक, तत्पश्चात् साध्य*
*🎈करण-     विष्टि भद्रा - 16:24:28 पी एम तक*,तत्पश्चात्  वाणिज*
*🎈राहुकाल -04:05 pm से 05:47 pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:54:24*
*🎈 सूर्यास्त-19:28:21*
*🎈 चन्द्र राशि- कन्या*till 07:53:32 from चन्द्र राशि- तुला 07:53:32*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
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*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:30 ए एम से 05:11 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*12:14 पी एम से 01:09 पी एम*
*🎈 अमृत काल-    01:58 पी एम से 03:41 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 22 से 01:02 ए एम, जुलाई 22*

 *🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष अष्टमी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है।  (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:-  *आषाढ़ मास अष्टमी
तिथि को हिंदू धर्म शास्त्रों और ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, पंचमी तिथि के दिन विशेष रूप से बैंगन, कटेहरी और कटहल का सेवन वर्जित माना गया है*

 💥 गुप्त अष्टम नवरात्र महात्म्य*☀️
*🏓19 जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार शनिवार का दिन आषाढ़ शुक्ल पक्ष की सर्वार्थ सिद्धि योग    पूरे दिन षष्ठी तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर वृश्चिक, मीन राशि, कुंभ राशि  के जातकों को सावधान रहना होगा वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 

🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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        💢आज का राशिफल💢

💥1.मेष: (Aries): मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा। आर्थिक निर्णय भविष्य में लाभदायक साबित होंगे, लेकिन जल्दबाजी से बचें

💥वृषभ (Taurus): काम का दबाव अधिक रह सकता है。 आज के दिन करीबी लोगों की खुशियों में शामिल होने का अवसर मिलेगा अपनी मानसिक स्थिति को संतुलित रखें

💥मिथुन (Gemini): सम्मान और धन लाभ की स्थिति बन रही है。 सहकर्मियों और स्टाफ की मदद से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी  सेहत पर थोड़ा ध्यान दें。

💥कर्क (Cancer): दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियां आ सकती हैं。 अपने लक्ष्यों पर फोकस करें और गुस्से व अहंकार पर नियंत्रण बनाए रखें。

💥सिंह (Leo): अचानक कोई रुका हुआ काम पूरा होगा。 करियर में कोई बड़ा सम्मान या नई नौकरी के अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं。

💥कन्या (Virgo): समय आपके अनुकूल है。 योग्यता के कारण व्यापार में गति आएगी और आर्थिक स्थिति सुधरेगी。 रिश्तों में थोड़ा संयम बरतने की आवश्यकता है。

💥तुला (Libra): बिजनेस में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं。 सकारात्मक सोच बनाए रखें, दिन की शुरुआत की छोटी-मोटी परेशानियां जल्दी दूर हो जाएंगी。

💥वृश्चिक (Scorpio): दिन आपके मन मुताबिक बीतेगा。 व्यापार के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़ सकते हैं。 कोई बड़ा कार्य पूरा होने के योग हैं。

💥धनु (Sagittarius): पिछले कुछ समय से चल रही उलझनों से राहत मिलेगी。 आप अपनी समझदारी से अटके हुए कार्य पूरे कर सकते हैं।

💥मकर (Capricorn): निवेश और धन प्राप्ति के मामले में दिन शुभ रहेगा。 सोचे हुए कार्यों में सफलता मिलेगी。 सामाजिक मेलजोल में समय बीतेगा।

💥कुंभ (Aquarius): रचनात्मक कार्यों और नए ऑर्डर मिलने के योग हैं。 आप अपनी नेतृत्व क्षमता से स्थिति को अपने पक्ष में कर सकते हैं。

💥मीन (Pisces): आत्मविश्वास मजबूत रहेगा。 पारिवारिक और व्यापारिक मामलों में सफलता प्राप्त होगी。 धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं।

    🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
    ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#बुटाटी धाम: जहाँ विज्ञान हाथ जोड़ता है और चमत्कार मुस्कुराता है!
कल्पना कीजिए एक ऐसी जगह की, जहाँ दवाइयाँ हार मान चुकी हों, जहाँ डॉक्टर अपनी फाइलें बंद कर चुके हों, और जहाँ इंसान का शरीर एक ज़िंदा पत्थर बन चुका हो... लेकिन फिर, सिर्फ 7 दिन और एक पवित्र मिट्टी की भभूति उस पत्थर जैसे शरीर में दोबारा ज़िंदगी की लहर दौड़ा देती है!
यह कोई फिल्मी कहानी नहीं है, यह हकीकत है राजस्थान के नागौर जिले में स्थित बुटाटी धाम की, जिसे लोग चतुरदास जी महाराज का मंदिर भी कहते हैं।
500 साल पुराना वो रहस्यमय इतिहास...
बात आज से करीब 500 साल पुरानी है। जब चारों तरफ मरुभूमि की सूखी हवाएं चलती थीं, तब इस धरती पर एक सिद्ध संत का आगमन हुआ—संत चतुरदास जी महाराज। वे कोई साधारण साधु नहीं थे। उनकी आँखों में करुणा थी और उनकी तपस्या में इतनी अग्नि थी कि प्रकृति भी उनके आगे नतमस्तक हो जाती।
कहते हैं कि महाराज अपनी दिव्य शक्तियों से दुखी और बीमार लोगों के कष्ट पल भर में हर लेते थे। खासकर वो लोग, जिनका शरीर 'लकवे' (Paralysis) के कारण बेजान हो चुका होता था।
जब महाराज का इस धरती पर सफर पूरा होने आया, तो उन्होंने समाज को बेसहारा नहीं छोड़ा। उन्होंने इसी पावन धरा पर जीवित समाधि ले ली। लेकिन समाधि में लीन होने से ठीक पहले, उन्होंने ब्रह्मांड को एक ऐसा वरदान दिया जो आज भी विज्ञान के सीने पर एक सुखद रहस्य बनकर धड़क रहा है। उन्होंने कहा था:
> "जो भी लाचार, बेबस और लकवे से पीड़ित इंसान मेरी इस चौखट पर आएगा, उसे कोई दवा नहीं, बल्कि मेरी भक्ति की भभूति और इस मिट्टी का स्पर्श ही फिर से पैरों पर खड़ा कर देगा।"

7 दिन, 7 परिक्रमा और एक अविश्वसनीय बदलाव
बुटाटी धाम में आज भी कोई डॉक्टर नहीं बैठता, कोई पर्ची नहीं कटती, और न ही कोई चमत्कारी तांत्रिक अपनी दुकान चलाता है। यहाँ सिर्फ एक ही नियम चलता है—अटूट श्रद्धा का नियम।
 * वो सात फेरे जो तकदीर बदल देते हैं: यहाँ आने वाले मरीज को लगातार 7 दिनों तक मंदिर की परिक्रमा करनी होती है। पहले दिन जो मरीज स्ट्रेचर या व्हीलचेयर पर, रोते हुए अपनों के सहारे आता है... यकीन मानिए, सातवें दिन की सुबह होते-होते उसकी आँखों में आँसू तो होते हैं, लेकिन वो बेबसी के नहीं, बल्कि अपने पैरों पर खड़े होने की खुशी के होते हैं!
 * आरती की वो भभूति: सुबह-शाम जब मंदिर में शंख और नगाड़े गूंजते हैं, तो एक असीम सकारात्मक ऊर्जा पूरे वातावरण में फैल जाती है। आरती के बाद मिलने वाली पवित्र भभूति को जब बेजान अंगों पर मला जाता है, तो ऐसा लगता है जैसे रगों में थमा हुआ खून फिर से बहने लगा हो।
आस्था का वो समंदर जहाँ इंसानियत ज़िंदा है
बुटाटी धाम सिर्फ चमत्कारों की जगह नहीं है, यह इस कलयुग में इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल है। यहाँ हर साल लाखों लोग आते हैं। उनके रहने की व्यवस्था, उनके खाने के लिए गरमा-गरम भोजनशाला—सब कुछ बिल्कुल निःशुल्क (फ्री) है। न कोई वीआईपी लाइन, न कोई अमीर-गरीब का भेद। महाराज के दरबार में सब एक समान हैं।
विज्ञान थकता है, पर आस्था कभी नहीं हारती...
आज का विज्ञान चाहे इसे केवल एक 'सकारात्मक माहौल' या 'एक्यूप्रेशर' का नाम देकर पल्ला झाड़ ले, लेकिन जिन हज़ारों परिवारों के बुझते हुए चिराग यहाँ आकर फिर से रोशन हुए हैं, उनके लिए बुटाटी धाम किसी भगवान के साक्षात स्वरूप से कम नहीं है।
अगर कभी जिंदगी में इस बात पर शक होने लगे कि 'चमत्कार आज भी होते हैं या नहीं'... तो एक बार राजस्थान के बुटाटी धाम की मिट्टी को माथे से लगाकर देख लेना, आपकी आँखों के सामने एक नया जीवन मुस्कुराता हुआ नज़र आएगा!
जय श्री चतुरदास जी महाराज की!


💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
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" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।     
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 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
          बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
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*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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