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पञ्चाङ्ग 26 जुलाई 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  26 जुलाई 2026*
*🎈 वार-    रविवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -     (प्रदोष  व्रत)  द्वादशी - 01:57 पी एम तक तत्पश्चात* त्रयोदशी*
*🎈 नक्षत्र -ज्येष्ठा - 07:34am तक, तत्पश्चात् मूल*
*🎈योग    -     इन्द्र -10:05 pm तक तत्पश्चात् वैद्युती* 
*🎈करण- बालव - 01:57 पी एम तक ,तत्पश्चात्  कोलव*03:07 ए एम, जुलाई 27 तक*
*🎈राहुकाल -05:46 पी एम से 07:27 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:55*
*🎈 सूर्यास्त-19:25:57*
*🎈चन्द्र राशि- वृश्चिक*till 07:33:46 *from*
*🎈चंद्र राशि- धनु 07:33:46*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम  दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:32 ए एम से 05:14 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:14 पी एम से 01:09 पी एम*
*🎈 अमृत काल-    03:18 ए एम, जुलाई 27 से 05:05 ए एम, जुलाई 27*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 27 से 01:03 ए एम, जुलाई 27*
 *🎈सर्वार्थ सिद्धि योग-    07:34 ए एम से 05:56 ए एम, जुलाई 27*
 *🎈व्रत पर्व विवरण - प्रदोष व्रत के दिन अन्न, चावल और साधारण नमक का सेवन नहीं किया जाता है। इस दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन पूरी तरह वर्जित हैं।वर्जित खाद्य पदार्थअनाज और दालें: गेहूं, चावल, जौ और किसी भी प्रकार की दालतामसिक चीजें: प्याज, लहसुन, मांस, मछली और अंडेसाधारण नमक: व्रत में सामान्य नमक (टेबल सॉल्ट) का उपयोग नहीं होताअन्य वस्तुएं: लाल मिर्च, बाहरी या बासी भोजनक्या आप जानना चाहते हैं कि प्रदोष व्रत की पूजा के बाद फलाहार में क्या-क्या खाया जा सकता है?प्रदोष व्रत के दिन क्या खाना चाहिए और कौन सी गलतियां ना करे।
*🎈विशेष:- *26 जुलाई 2026 (रविवार) का दिन मेष, कर्क और कन्या राशि के जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ और लाभदायक रहने वाला है, जहाँ ग्रहों के शुभ योग से आर्थिक प्रगति और तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। 

          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 

🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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        💢आज का राशिफल💢

🏵️मेष: राशि: रुके हुए धन की प्राप्ति संभव है और कार्यक्षेत्र में आपका पूरा फोकस रहेगा। स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहें।

🌺वृष राशि: बचत पर ध्यान दें। गुप्त कार्यों और अनुसंधान (research) से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

🌺मिथुन राशि: विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है, मेहनत का मीठा फल मिल सकता है। व्यावसायिक साझेदारी में सतर्कता बरतें।

🌺कर्क राशि: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सूर्य और गुरु के संयोग से नौकरी व कारोबार में तरक्की के योग हैं।

🌺सिंह राशि: भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। दफ्तर की राजनीति से दूरी बनाए रखें।

🌺कन्या राशि: बजट की समीक्षा करने और पुराने सुधारों का दिन है। कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति अनुकूल रहेगी।

🌺तुला राशि: बड़े निवेश से बचाव करें। धैर्य के साथ अपने जरूरी कामों को पूरा करें।

🌺वृश्चिक राशि: पुराने संपर्कों से लाभ होगा। मिलकर किए गए काम में सफलता मिलेगी।

🌺धनु राशि: सुरक्षित बचत पर जोर रहेगा। अधिकारियों का पूरा सहयोग और भरोसा आपको मिलेगा।

🌺मकर राशि: आर्थिक मामलों में सतर्कता जरूरी है। खर्चों पर नियंत्रण रखें और किसी के बहкаवे में न आएं।

🌺कुंभ राशि: शांत दिमाग से काम लें। धन से जुड़े मामलों में स्पष्टता बनाए रखें।


🌺मीन राशि: आपसी तालमेल से व्यापार में लाभ होगा। अटके हुए कार्य गति पकड़ेंगे।
    🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
    ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#वह मंदिर जहाँ ब्रह्मांड सोता है। 

यह सिर्फ़ एक मंदिर नहीं है—यह पत्थर पर उकेरा गया ब्रह्मांड का नक्शा है।
अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर में, भगवान विष्णु शेषनाग (आदिशेष) पर विश्राम करते हैं और उन्हीं से ब्रह्मांड का विस्तार होता है।
सनातन ज्ञान का एक कालजयी उत्कृष्ट नमूना।
पद्मनाभ की लेटी हुई मुद्रा यह दर्शाती है कि सृष्टि की रचना, पालन और संहार—सब कुछ परम चेतना से ही उत्पन्न होते हैं।
उनकी नाभि से एक कमल निकलता है जिस पर ब्रह्मांड के रचयिता ब्रह्मा विराजमान हैं।
कुछ भी संयोगवश नहीं है।
यहाँ के देवता इतने विशाल हैं कि भक्त पारंपरिक रूप से उनके दर्शन तीन अलग-अलग द्वारों से करते हैं: 
• मुख और छाती
• नाभि और कमल
• चरण
यह इस बात की याद दिलाता है कि ईश्वर को एक ही नज़र में पूरी तरह नहीं देखा जा सकता।
"अनंत" का अर्थ है असीम।
शेषनाग अनंत काल का प्रतीक हैं, जबकि उन पर विष्णु का विश्राम उस शाश्वत संतुलन को दर्शाता है जो ब्रह्मांडीय परिवर्तनों के बीच भी बना रहता है।
अपने आध्यात्मिक महत्व के अलावा, यह मंदिर अपने गुप्त तहखानों, प्राचीन परंपराओं और अद्भुत द्रविड़ वास्तुकला के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।
इसके रहस्य लाखों लोगों को आकर्षित करते रहते हैं—चाहे आप इसे आस्था, दर्शन या इतिहास के नज़रिए से देखें। 
अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर हमें याद दिलाता है कि ब्रह्मांड हमारी आँखों से दिखाई देने वाली चीज़ों से कहीं अधिक विशाल है।
सनातन धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। यह ब्रह्मांड को समझने का एक तरीका है।
अनंत पद्मनाभ स्वामी मंदिर न केवल वास्तुकला का एक अद्भुत नमूना है, बल्कि सनातन धर्म की एक गहरी अभिव्यक्ति भी है।
शेषनाग पर भगवान विष्णु की योग-निद्रा वाली मुद्रा सृष्टि की रचना, पालन और संहार के शाश्वत आधार का प्रतीक है।
यह एक पवित्र स्मरण है कि संपूर्ण ब्रह्मांड उस परम सत्ता में ही स्थित है।
ॐ नमो नारायणाय।
  💲💲।।जय पद्मनाभ स्वामी।✨✨
        
 💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।     
   🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹 🌹🌹          

 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
          बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~*अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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