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पञ्चाङ्ग 29 जुलाई 2026

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

jyotis


*🎈दिनांक  29 जुलाई 2026*
*🎈 वार-    बुधवार*
*🎈 मास - आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  शुक्ल पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर     पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि    -     गुरु पूर्णिमा - 08:05 पी एम तक तत्पश्चात* प्रर्तिपदा
*🎈 नक्षत्र - त्तराषाढा - 03:37 पी एम  तक, तत्पश्चात् श्रवण*
*🎈योग    -     प्रीति - 11:58 पी एम तक तत्पश्चात् आयुष्मान* 
*🎈करण- विष्टि - 07:14 ए एम तक तत्पश्चात् बव,बालव*
*🎈राहुकाल -12:41 पी एम से 02:22 पी एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 सूर्योदय-05:57 ए एम*
*🎈 सूर्यास्त-07:26 पी एम*
*🎈चंद्र राशि- मकर*
*🎈 सूर्य राशि- कर्क*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर  दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:33 ए एम से 05:15 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: कोई नहीं*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:21 ए एम, जुलाई 30 से 01:03 ए एम, जुलाई 30*
 *🎈अमृत काल    -08:34 ए एम से 10:20 ए एम*
 
*🎈व्रत पर्व विवरण - शास्त्रों के अनुसार पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज और नशीली वस्तुएं नहीं खानी चाहिए। इसके अलावा मांस, अंडा और मलका की दाल का सेवन भी वर्जित माना जाता है।
*🎈विशेष:- *29 जुलाई 2026 का दिन गुरु पूर्णिमा और आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा का है, जब चंद्रमा मकर राशि में संचरण करेंगे और सूर्य-गुरु की स्थिति तथा शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन रहेगा। इस दिन मेष, वृषभ, मिथुन और कर्क राशि के जातकों के लिए करियर, धन और मान-सम्मान के लिहाज से शुभ परिणाम मिलने के योग हैं।

          💥सावन महात्म्य☀️
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 

🎉*विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल*
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    
💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ -
🏵️ रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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     🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
       *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
    
         💢आज का राशिफल💢
            
☀️मेष: आत्मविश्वास बढ़ेगा; कार्यस्थल पर सराहना और व्यापार में नई डील मिलने के योग हैं।

☀️वृषभ: आर्थिक योजनाएं लाभदायक रहेंगी, लेकिन दिन के पहले भाग में काम का कुछ दबाव महसूस हो सकता है।

☀️मिथुन: नए अवसर मिलेंगे; विवाह तय होने या रुका हुआ कार्य पूर्ण होने के योग हैं।

☀️कर्क: स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सचेत रहें; धैर्य से काम लेने पर कार्य सुधारेंगे।सिंह: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा निर्णय न लें; स्वास्थ्य और खान-पान का विशेष ध्यान रखें।

☀️कन्या: मेहनत रंग लाएगी; व्यापार अच्छा रहेगा लेकिन आपसी कलҳ से बचाव रखें।

☀️तुला: रचनात्मक सोच और व्यापारिक ऊर्जा बढ़ी रहेगी; अपनों का सहयोग मिलेगा।

☀️वृश्चिक: धन का आगमन होगा, परन्तु बड़ा निवेश करने से अभी बचना चाहिए।

☀️धनु: सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा; नेतृत्व क्षमता से आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे।☀️मकर: काल्पनिक भय या सिरदर्द जैसी मानसिक चिंताएं परेशान कर सकती हैं, अतः धैर्य रखें।

☀️कुंभ: आय में अच्छी बढ़ोतरी होगी; दोस्तों के साथ मिलकर कोई नया काम शुरू कर सकते हैं।

☀️मीन: व्यापारिक स्थिति मजबूत होगी, और रिश्तों में ईमानदारी बनाए रखने से लाभ मिलेगा।

    ➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
   🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️☀️#🎉ॐ श्री गुरुभ्यो नमः 🙏

‼️गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः 🙏

🗓️ गुरु पूर्णिमा: 29 जुलाई 2026, बुधवार
🗓️ पूर्णिमा तिथि: 28 जुलाई शाम 06:18 बजे से 29 जुलाई रात 08:05 बजे तक

🛟प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाने की परंपरा है, यह दिन घर के बड़े, बुजुर्ग, गुरु और जिनसे भी आपने जीवन में कुछ न कुछ सीखा है उनके प्रति सम्मान अर्पित करने का दिन है।

🛟गुरु पूर्णिमा को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है, क्योंकि यह तिथि महर्षि वेद व्यास जी की स्मृति से जुड़ी है।

🛟आषाढ़ पूर्णिमा की तिथि को व्यास पूजा का दिन माना गया है, इसी दिन भगवान विष्णु जी के अंशावतार चिरंजीवी भगवान वेद व्यास जी का जन्म कालपी में यमुना नदी के एक द्वीप पर हुआ था। 

🛟व्यास पूजा के पवित्र दिन संस्कृति के निर्माताओं का पूजन होता है। संस्कृति निर्माण का कार्य अलग-अलग ढंग से अनेक ऋषियों ने किया है। 

🛟वेद व्यास जी की कृपा से ही आज संसार के लोगों को ‘श्रीमद् भगवद् गीता’ रूपी भगवान की अमृतवाणी सुलभ हुई है। भारतः पंचमो वेद उनके इस ग्रंथ को पांचवें वेद की उपमा भी प्राप्त हुई है। 

🛟भगवान श्री कृष्ण स्वयं श्री गीता जी में कहते हैं ‘मुनीनामप्यहं व्यास:’, मुनियों में मैं वेदव्यास हूं।
गुरु वह हैं, जो अज्ञान के अंधकार से निकालकर विवेक और प्रकाश की ओर ले जाते हैं। इस दिन प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु, महर्षि वेद व्यास और अपने गुरुजनों का श्रद्धापूर्वक स्मरण करें। दीप, पुष्प, अक्षत और फल अर्पित करें। यदि गुरु प्रत्यक्ष हों तो उनका आशीर्वाद लें; दूर हों तो मन से कृतज्ञता प्रकट करें।

🛟यह उत्सव गुरु के प्रति सम्मान और कृतज्ञता को दर्शाता है, सनातन परंपरा में गुरु को ईश्वर से भी ऊंचा स्थान दिया गया है।

🛟कोकिलारूपमास्थाय या देवी गिरिजा पुरा
तपस्तेपे महादेवं प्राप्य सौभाग्यमुत्तमम्🙏 
⚡इस व्रत में माता पार्वती के धैर्य, तप, प्रेम और अटूट श्रद्धा का स्मरण किया जाता है। कई स्थानों पर मिट्टी से बनी कोकिला प्रतिमा को देवी पार्वती के प्रतीक रूप में पूजने की परंपरा भी मिलती है।

↘️शास्त्रों के अनुसार यह व्रत पहली बार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। पार्वती रूप में जन्म लेने से पहले देवी पार्वती कोयल बनकर दस हजार वर्षों तक नंदन वन में भटकती रही। 

⚡शाप मुक्त होने के बाद पार्वती जी ने कोयल की पूजा की इससे भगवान शिव प्रसन्न हुए और पत्नी के रूप में देवी पार्वती को स्वीकार किया।

             
 💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
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✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨

         *🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏     
 
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 *💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
          *बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
       🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️💕

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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️
vipul

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