*💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*
*🎈दिनांक 14 सितंबर 2026*
*🎈वार- सोमवार*
*🎈मास - भाद्रपद मास*
*🎈पक्ष - कृष्ण पक्ष*
*🎈विक्रम संवत् - 2083*
*🎈संवत्सर पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)- रौद्र*
*🎈अयन - उत्तरायण*
*🎈ऋतु - रितु वर्षा*
*🎈तिथि- तृतीया - 07:06.25 ए एम तक तत्पश्चात चतुर्थी *
*🎈नक्षत्र- चित्रा - 01:54.21 पी एम तक तत्पश्चात स्वाति*
*🎈करण - गर - 07:06 ए एम तक तत्पश्चात् वाणिज, विष्टि*
*🎈योग- ब्रह्म - 12:45.39 पी एम तक तत्पश्चात् इंद्र*
*🎈राहुकाल- 07:52 ए एम से 09:25 ए एम(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈सूर्योदय-06:20 ए एम*
*🎈सूर्यास्त-06:41 पी एम*
*🎈चंद्र राशि-तुला*
*🎈सूर्य राशि- सिंह*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
(किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:47 ए एम से 05:33 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त: 12:06 पी एम से 12:55 पी एम*
*🎈अमृत काल - 07:18 ए एम से 08:57 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त -12:07 ए एम, सितम्बर 15 से 12:54 ए एम, सितम्बर 15*
*🎈रवि योग- 01:55 पी एम से 06:20 ए एम, सितम्बर 15*
*🎈विशेष:- व्रतपर्व विवरण- वर्ष 2026 में हरतालिका तीज का व्रत व गणेश चतुर्थी14 सितंबर 2026, सोमवार को रखा जाएगा।
🌹ब्रह्म वैवर्त पुराण (ब्रह्म खंड: 27.29-34) के अनुसार, गणेशचतुर्थी (चतुर्थी तिथि) के दिन मूली खाना निषेध (वर्जित) माना गया है, क्योंकि शास्त्रों में इसके सेवन से धन का नाश होने की बात कही गई है।
🛟14 सितंबर 2026, सोमवार का दिन सभी 12 राशियों के लिए मिला-जुला और महत्वपूर्ण रहने वाला है।
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
★√*★√*★√*★√*★√*★
🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
‼️💢आज का राशिफल💢‼️
🛟सभी 12 राशियों का संक्षिप्त राशिफल‼️
💥 मेष राशि: पारिवारिक जीवन में वाद-विवाद या मतभेद हो सकते हैं। बातचीत में सावधानी बरतें और क्रोध से बचें।
💥वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में थोड़ी सावधानी रखनी होगी। खर्चों की अधिकता रह सकती है, इसलिए बजट का ध्यान रखें।
💥मिथुन राशि: कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा। पुराने रुके हुए कार्यों को गति मिलने की संभावना है।
💥कर्क राशि: मन शांत रहेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन खान-पान पर ध्यान दें।
💥सिंह राशि: आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कामकाज के सिलसिले में यात्रा के योग बन सकते हैं। मान-सम्मान बढ़ेगा।
💥कन्या राशि: सूर्य का प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। करियर और कार्ययोजनाओं को लेकर नए अवसर सामने आ सकते हैं।
💥तुला राशि: चंद्रमा का गोचर आपकी राशि में होने से मानसिक शांति और संतुलन बनाने का प्रयास रहेगा। धन लाभ के नए रास्ते खुलेंगे।
💥वृश्चिक राशि: भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। कार्यस्थल पर काम का दबाव रहेगा, परहनन मेहनत रंग लाएगी
💥धनु राशि: दिन ऊर्जावान रहेगा। मित्रों और परिवार का पूरा साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
💥मकर राशि: जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से तालमेल बनाकर रखें। धैर्य से काम लें।
💥कुंभ राशि: पुराने मित्रों से मुलाकात हो सकती है। सोचे हुए काम समय पर पूरे होने से मन प्रसन्न रहेगा। नए विचार आएंगे।
💥मीन राशि: स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें। व्यापार में किसी भी तरह के निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।
💕🙏 #ॐउमामहेश्वराभ्यां नमः 🙏
➡️ 💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं ☀️
🌹|| ✨ 🌹// 🕉️ ✨ 🌺 🦚 🌼 🕉️ 🌸*हरितालिका तीज व्रत 14 सितंबर*
*इधर कई लोगों के हरितालिका व्रत पूजन को लेकर फोन आ रहें है, लोग पूजन का समय पूछ रहें हैं, कुछ लोग तीज में पूजन के समय को लेकर भ्रमित हो रहे हैं,*
*कुछ लोग कहते हैं कि तृतीया रहते ही पूजन कर लेना चाहिए, जबकि व्रत ,पूजन ,स्नान तथा दानादि में उदयातिथि ग्राह्य होता है, और इसी सब के लिए यह सिद्धांत बना है।*
*काशी से प्रकाशित सर्वमान्य सभी दिग्दर्शिका (पंचांग) जैसे ह्रषिकेश, महावीर, विश्व पंचांग, अन्नपूर्णा, आदित्य आदि पंचांगों के आकलन के अनुसार, वर्ष 2026 में भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 सितम्बर, सोमवार को प्रातःकाल 07 बजकर 19 मिनट तक है। यद्यपि यह तिथि प्रातः ही समाप्त हो जा रही है, तथापि 'उदयातिथि' की ही शास्त्रोक्त प्रधानता है।*
*"या तिथिरुदया ज्ञेया सा तिथि:सकलास्स्मृता"*
*सूर्योदय कालीन तृतीया युक्त चतुर्थी होने के कारण 14 सितम्बर 2026, सोमवार को ही सर्वसम्मति से 'हरितालिका व्रत' एवं 'उमा-महेश्वर (शिव-पार्वती) पूजन' का विधान सुनिश्चित होता है। कहा गया है कि --*
*चतुर्थी सहिता या तु सा तृतीया फलप्रदा।* *अवैधव्यकरा स्त्रिणाम् पुत्रपौत्रप्रवर्धिनी।*
*द्वितीयाशेष संयुक्ता या करोति विमोहिता सा।*
*वैधव्यमवाप्नोती प्रवदन्ति मनीषिण:।।*
*शास्त्रीय प्रमाण धर्मशास्त्रीय संहिता के अनुसार, हरितालिका व्रत के लिए द्वितीया से युक्त तृतीया सर्वथा त्याज्य है, जबकि चतुर्थी से युक्त तृतीया ही परम पुण्यदायिनी और सर्वग्राह्य मानी गई है।*
*वर्तमान युग के महान दैवज्ञ रामचंद्र झा लिखते हैं।*
*भाद्रशुक्लतृतीयायाम् हरितालिका। सा च चतुर्थीयुता ग्राह्या।*
*इस विषय में पुराण का भी वचन है।*
*कला मुहूर्त्ताऽपि द्वितीया यदि दृश्यते।*
*सा तृतीया न कर्त्तव्या कर्त्तव्या गणसंयुता।।*
*अर्थात भाद्रपद शुक्लपक्ष की हरितालिका तृतीया सदैव चतुर्थी तिथि से युक्त ही स्वीकार्य है, यदि सूर्योदय काल में यह तिथि एक कला या एक मुहूर्त मात्र के लिए भी पूर्ववर्ती द्वितीया तिथि से संस्पर्श (दूषित) रहती हो, तो उस दिन व्रत का सर्वथा निषेध है,इसके विपरीत, विघ्नहर्ता गणेश की तिथि (चतुर्थी) के संयोग वाली 'गणसंयुता' तिथि ही सदा ग्राह्य है।*
*"व्रतेऽस्मिन् पार्वतीशिवयोः पूजा क्रियते"*
*इस परम पावन व्रत में सौभाग्यवती स्त्रियां अपने अखंड सौभाग्य हेतु देवाधिदेव महादेव एवं जगज्जननी माता पार्वती के पार्थिव विग्रह का षोडशोपचार पूजन संपन्न करती हैं।*
*अतः उदयातिथि के शास्त्रीय निष्कर्ष पर 14 सितम्बर का दिन ही इस महाव्रत के लिए पूर्णतः निर्दोष, अकाट्य और शास्त्रसम्मत है।*
*अतः हरितालिका तीज व्रत करने वाली स्त्रियां पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी मध्यान्ह काल मे अभिजित मुहूर्त या सायंकाल प्रदोषकाल में पूजन करें, इससे आगे पीछे भी पूजा करने में कोई दोष नहीं है,भगवान का पूजन भजन कीर्तन तो व्रत में सम्पूर्ण दिन और सम्पूर्ण रात्रि होना चाहिए इस व्रत के पूजन में किसी प्रकार के भद्रा या राहुकाल के विचार की आवश्यकता नहीं होती।*
*आपका तन मन स्वस्थ्य रहें आप दीर्घायु हों आपका जीवन मंगलमय हो प्रभू की कृपा अनवरत आप पर बनी रहे।*
🛟*गणेश चतुर्थी 2026: विघ्नहर्ता श्री गणेश का दिव्य आगमन - 🌺
‼️‼️*।। श्री गणेशाय नमः ।।*‼️‼️
🌺सनातन धर्म में कोई भी शुभ कार्य, पूजा, विवाह, गृह प्रवेश बिना भगवान श्री गणेश के पूजन के शुरू नहीं होता। उन्हें प्रथम पूज्य, मंगलमूर्ति, विघ्नहर्ता और रिद्धि-सिद्धि के दाता कहा गया है।
🌺*1. गणेश चतुर्थी 2026 की तारीख और शुभ मुहूर्त*
☀️पंचांग के अनुसार इस वर्ष भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का विशेष संयोग बन रहा है। 9 साल बाद गणेश उत्सव 12 दिन का होगा।
☀️- *गणेश चतुर्थी और स्थापना:* 14 सितंबर 2026, दिन सोमवार
☀️- *चतुर्थी तिथि शुरू:* 14 सितंबर सुबह 07:06 बजे
☀️- *चतुर्थी तिथि समाप्त:* 15 सितंबर सुबह 07:44 बजे
☀️- अमृत चोघड़िया : सुबह 06:05 से 07:38 - मूर्ति लाने के लिए उत्तम
☀️- शुभ: सुबह 09:11 से 10:44 - स्थापना कर सकते हैं
☀️- सुबह 08:15 से 09:15 तक - ☀️☀️बृहस्पति की होरा* - अति शुभ, ज्ञान और शुभ कार्य के लिए
☀️- *स्थापना का मध्याह्न शुभ मुहूर्त:* सुबह 11:02 से दोपहर 01:31 तक (2 घंटा 28 मिनट)
☀️- *अभिजीत मुहूर्त:* सुबह 11:52 से 12:41 तक
☀️- सबसे उत्तम - 11:15 से 1:15 तक*
🏵️शुक्र + बुध की होरा, इसी में आपका मध्याह्न मुहूर्त 11:08-1:36 भी आ रहा है और वृश्चिक स्थिर लग्न भी। ये 100% सबसे शुद्ध मुहूर्त है।
🌺- *विसर्जन - अनंत चतुर्दशी:* 25 सितंबर 2026
🌺- *।। गणपति बप्पा मोरया, मंगल मूर्ति मोरया।।*
🌺‼️जय श्री कृष्णा! 🦚🚩
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💕*"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः"*💥
✨*नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम्*✨
*🛟॥ श्री हरिः ॐ*॥☀️
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*💥“*ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।*
*बाकी सब क्षणभंगुर* है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬*जय श्री महाकाल सरकार *🔱🇪🇬 *मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 💥🙏💘☀️




