*राशन का गेहूं बना मुनाफे का माल,1779 क्विंटल गेहूं की कालाबाजारी-गबन पकड़ा, करीब 53 लाख का गबन*
राशन का गेहूं बना मुनाफे का माल,,
1779 क्विंटल गेहूं की कालाबाजारी-गबन पकड़ा, करीब 53 लाख का गबन-कालाबाजारी उजागर, राशन दुकानों की बजाय सीधे बाजार में बेचा गया गेहूं, 34 उचित मूल्य दुकानों को नहीं मिली गेहूं की सप्लाई, परिवहनकर्ता मेसर्स भरतलाल शिवसहाय एंड संस ने किया खेल, FCI डिपो से उठाव के बाद गायब किया खाद्यान्न, फरवरी 2026 का पूरा गेहूं उठाया लेकिन सप्लाई नहीं दी, फर्म ने मार्च का गेहूं फरवरी माह के पेटे में खपाकर खेल को छिपाया, मार्च का 311 क्विंटल गेहूं फरवरी माह के पेटे में खपाया, बिना चालान, ऑफलाइन बिल्टी से की गई सप्लाई, मार्च में 25 दुकानों पर 1311 क्विंटल गेहूं गलत तरीके से एडजस्ट, 4 सदस्यीय सतर्कता दल ने 5 दिन फोल्ड में जांच की, खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर की गई कार्रवाई, अतिरिक्त खाद्य आयुक्त पूनम सागर के निर्देशन में चला ऑपरेशन, जयपुर ग्रामीण के बस्सी, जमवारामगढ़, आमेर, चोमू, चाकसू, झोटवाड़ा समेत कई तहसीलें में गेहूं नहीं हुआ सप्लाई, आवश्यक वस्तु अधिनियम 3/7 में FIR के निर्देश, जयपुर, बीकानेर, कोटपुतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, और अलवर आदि जिलो फर्म के के टेंडर टेंडर अनुबंध 3 निरस्त, पूरे राज्य में फर्म को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश, गबन की गई गेहूं की भी बाजार दर से वसूली होगी।

