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पञ्चाङ्ग 12अप्रैल 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 12अप्रैल 2026*
*🎈 वार-   रविवार *
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - वैशाख मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष,*
*🎈तिथि-     दशमी    25:16:13** तत्पश्चात्
    एकादश*
*🎈 नक्षत्र -             श्रवण    15:12:59* तक तत्पश्चात्         धनिष्ठा*
*🎈योग    -     सिद्ध    18:37:45*तक तत्पश्चात् शुभ*
*🎈करण    -     वणिज    13:02:16* तक तत्पश्चात्  विष्टि भद्र    25:16:13* होगा।
*🎈राहुकाल -05:21 pm से 06:57 pm hv(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि-     मकर    *
*🎈सूर्य राशि - मीन*
*🎈 सूर्योदय -   06:16:28*
*🎈 सूर्यास्त -        18:56:06* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पश्चिम दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:44 ए एम से 05:29 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त-  05:18 ए एम, अप्रैल 13 से 06:57 ए एम, अप्रैल 13*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:13 ए एम, अप्रैल 13 से 12:58 ए एम, अप्रैल 13*
*🎈अमृत काल    -05:18 ए एम, अप्रैल 13 से 06:57 ए एम, अप्रैल 13*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण-  मासिक व्रत 
*🎈विशेष - दशमी को नीम की पत्ती, फल या दातून मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- वैशाख मास महात्म्य *
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




       🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶
🔶🌹🌹।।*नौ मुखी रुद्राक्ष*🌹🌹
 यह रुद्राक्ष कुंडली जागृत करने में सहायता प्रधान करता है।
नौ मुखी रुद्राक्ष वाले का नाम भैरव है। इसे बाई भुज में धारण करना चाहिए। इसे धारण करने वाले को भुक्ति मुक्ति की प्राप्ति होती है। और उसका बल मेरे तुल्य हो जाता है। अनेक सैकड़ो पापों को नौ मुखी की रुद्राक्ष को धारण करने से नष्ट हो जाता है। इस रुद्राक्ष को विधि विधान के साथ धारण करने से मनुष्य को शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। बाएं हाथ में धारण करने वाला सर्वेश्वर हो जाता है। नौ मुखी रुद्राक्ष के देवता भैरव तथा यमराज हैं। इस रुद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति शिव का अत्यंत प्रिय होने के कारण स्वर्ग में इंद्र के समान पूजनीय होता है। इसे बाई भुजा में पहनने से बल की प्राप्ति होती है। मृत्यु लोक में धन संपत्ति एवं ऐश्वर्या की कमी नहीं रहती है। यमराज का भय नहीं सताता है।
 सोमवार के दिन प्रातः काल स्नान आदि के बाद भगवान शंकर का चित्र सम्मुख रखकर यथा विधि पूजन करें। फिर रुद्राक्ष को काले धागे में लपेटकर गले में पहन ले। इसे धारण करने से पूर्व *ॐ श्रीं हीं क्लीं व्री ॐ* मंत्र का जप करना चाहिए।

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹।      💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*♥️~अपने घर, ऑफिस, और फैक्ट्री वास्तु के साथ सफल बनाये। जन्मकुंडली, प्रश्नन कुंडली, अंककुंडली, रत्न, जड़, एवं रुद्राक्ष आदि के लिये सम्पर्क करे।*
‼️अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
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*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱

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