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09 जुलाई 2026 का पञ्चाङ्ग

 *💥🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓💥*

Jyotis


*🎈दिनांक 09 जुलाई 2026*
*🎈 वार- गुरुवार*
*🎈 मास -  आषाढ़ मास*
*🎈 पक्ष -  कृष्ण पक्ष*
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 संवत्सर    पराभव*
*🎈संवत्सर (उत्तर)-    रौद्र*
*🎈 अयन - उत्तरायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈तिथि    -     नवमी - 10:37 pm तक
*तत्पश्चात दशमी*
*🎈 नक्षत्र -     अश्विनी - 02:56pm तक* तत्पश्चात्     भरणी*
*🎈योग    -     सुकर्मा - 10:12* तक, तत्पश्चात्  धृति*
*🎈करण-        गर - 10:37 * तक,
 तत्पश्चात् वणिज*
*🎈राहुकाल -02:23pm   से 04:06pm (नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈चन्द्र राशि    - मेष*
*🎈सूर्य राशि-      मिथुन*
*🎈 सूर्योदय -  05:48:36*
*🎈 सूर्यास्त -        19:31:53* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
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*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)*
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:25 ए एम से 05:06 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त*- 12:13 पी एम से 01:08 पी एम*
*🎈 अमृत काल-    08:03 ए एम से 09:35 ए एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:20 ए एम, जुलाई 10 से 01:01 ए एम, जुलाई 10*

*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग-    05:47 ए एम से 02:56 पी एम*

*🎈व्रत पर्व विवरण - विशेष - दशमी तिथि को लौकी खाना वर्जित माना गया है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:-  *आषाढ़ मास महात्म्य*
*🏓8 जुलाई 2026 के पंचांग के अनुसार बुधवार का दिन आषाढ़ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जिसमें ग्रहों की चाल के प्रभाव से विशेषकर मेष, वृषभ और सिंह राशि के जातकों को धन लाभ और कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे। वहीं, अन्य राशियों के लिए मिला-जुला दिन रहने की संभावना है।
 👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔 
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💢सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💢मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के 💢स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💢सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    
🛟मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💢धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    
💢गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
🛟रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    
चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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        🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)    
         मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
         *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
day




           🛟चोघडिया, रात्🛟*
night


 
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           💢आज का राशिफल💢

🛟मेष: दिन शांतिपूर्ण बीतेगा और आपके रुके हुए काम बनते जाएंगे। विद्यार्थियों को किसी का सहयोग प्राप्त होगा।

वृषभ: धैर्य और समझदारी से काम लें। आर्थिक मामलों में स्थिरता बनी रहेगी।

मिथुन: कार्यक्षेत्र में नए प्रस्ताव मिलेंगे और नौकरी से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है।

कर्क: सरकारी नौकरीपेशा लोगों को मनचाहा ट्रांसफर मिल सकता है। मन का भ्रम दूर होगा।

सिंह: आपकी नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास मजबूत होंगे। अटके मामलों में सफलता मिलेगी।कन्या: कार्यक्षेत्र में आपके योगदान की सराहना होगी, लेकिन जॉब में थोड़ा सावधान रहें।

तुला: टीम वर्क में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। आय में बढ़ोतरी और निवेश के लिए दिन उत्तम है।

वृश्चिक: बदलाव आपकी ताकत बनेगा। पुराने मामलों से मुक्ति मिलेगी और नए मार्ग खुलेंगे।

धनु: अनदेखे मौके आपको लाभ देंगे। व्यापारिक मामलों में सावधानी बरतें।

मकर: फैसलों में जल्दबाजी न करें और पुरानी गलतियों या आदतों से बचें।

कुंभ: निवेश फायदेमंद रहेगा। शेयर्स या पॉलिसी से लाभ हो सकता है।

मीन: साझेदारी वाले कार्यों से बचें। नई सोच के साथ आगे बढ़ें।

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
         💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺

👣🕉️ 🌹🌹 🌹🌹।। 🔶🔶🌹🌹 🌹
       ➡️ *।। ॐ श्री गणेशाय नमः ।।
    🌺🌷🏓।। आज बात करते हैं आपसे
    ☀️ "“ चोरी एक सहज दुर्गुण है “ ☀️के बारे में🙏

➡* दूसरे की वस्तु पर उसकी अनुमति या जानकारी के बिना अपना स्वामित्व बना लेना चोरी है l चोरी में घटना अप्रकाश्य रहती है l यहाँ अप्रकाश्य का अर्थ है सामने घटित न होना l 

चोरी दिन में,रात में कभी भी होती हैl व्यक्ति जब लोभ और तृष्णा के कारण किसी वस्तु को जो उसकी नहीं है उसे अपने स्वामित्व में लेने के लिए बेचैन हो जाता है तब वह चोरी करता है l चोर में नैतिक ताकत का अभाव होता है l यदि व्यक्ति नैतिक ताकत रखता है तो वह उस वस्तु की याचना कर सकता है l कोई उस वस्तु को दे या न दे उसकी वांछा l चोर में वस्तु छीनने की ताकत नहीं होती है l जिस दिन वस्तु छीन कर व्यक्ति लेने लगता है उस दिन से वह चोर न होकर दस्यु , डकैत या छीनैत हो जाता है l अतः चोर हमेशा बिना श्रम और सत्य के दूसरेकी वस्तु को अपना बना लेता है l 
चोरी प्रायः अकेला व्यक्ति करता है l जब उसे चौर कर्म में सफलता मिलने लगती है तब वह सामूहिक योजना तैयार करता है l वहीं से चोरी संगठित अपराध बन जाती है l
       चोरी देवधन, मनुष्य धन, पितृधन और अज्ञात धन की होती है l जिस धन का कोई स्पष्ट स्वामी न हो वह राजा या राष्ट्र का धन होता है l उस धन को चुराना विलम्ब से पर दैवीय दण्ड का कारण बनता है l सृष्टि में कोई ऐसी चोरी नहीं है जो देर सबेर खुल न जाये l अतः चोर एक ऐसा मनोरोगी होता है जो समझता है उसे कोई देख नहीं रहा है और वह चोरी कर वस्तु उपभोग में सफल रहेगा l 
चोरी रोकने की प्रथम शक्ति माता पिता में होती है l संतान जब कोई वस्तु घर में लाये और वह वस्तु संदेह के घेरे में हो तो माता पिता को उसे लौटाने के लिये कठोर आदेश देना चाहिए l अतः प्रत्येक चोर के निर्माण में माता पिता गुरु और बड़े संरक्षक का जाने अनजाने हाथ होता है l 
चोरी न करने का संकल्प लेने वाला अपरिग्रही होता है l मुझे तो फूलों की चोरी भी करना निकृष्ट लगता है l जो समिधा, पुष्प और ज्ञान की चोरी नहीं करता वही व्यक्ति दूसरों के पुण्य और राज्य की भी चोरी नहीं कर सकता l चोरी न करने का मूल मंत्र है --- जो मेरा नहीं है उसे मैं उपयोग में नहीं लाउंगा l 
       श्री राम मंदिर में जो चोरी हुई है वह उन राक्षसों द्वारा की गई है जो माता का मंगल सूत्र और स्वर्ण सिन्दूरदान बेच कर 
अपनी समृद्धि खड़ी करते हैं l जो लोग अपने पिता की दवाई का धन चुराकर अपना शौक पूरा करतेहैं lएकबार एक चाडाल 
ने कहा था - देवधन, गोधन, यज्ञ धन, द्विजधन को चुराने वाला पतित और चाण्डाल से अधिक निकृष्ट होता है l 
मनुष्य होने की शर्त है सत्य,अहिंसा,अचौर्य, अपरिग्रह, और ब्रह्मचर्य को अपनाना l यदि इनमें से हम एक का भी अतिक्रमण करते हैं तो हम मनुष्य होने में अभी कमजोर हैं l 
देवधन की चोरी कुत्ता, गिद्ध और श्मशान वृक्ष बनाता है l देव धन की चोरी सिद्ध करता है कि चोर के मन में देवता का अस्तित्व नहीं है l वह देव दण्ड को नहीं मानता है l 🙏🙏

💕"तद् यद् रुदितात् समभवन् तस्माद् रुद्राः "
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
" नव ग्रहणां अधीनस्थ जीवनम् "

         🛟॥ श्री हरिः ॐ ॥☀️
🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏।     
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        💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
          बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
         🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
          💥।। शुभम् भवतु।।💥
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩*♥️~💕

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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~*यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
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‼️*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
🙏*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
💥*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे*।
*💥यदि आप अपनी कुण्डली विश्लेषण चाहते हैं तो जन्म दिनांक, स्थान, समय  बताएं!!🌟*
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱🌿
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