*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक -24 फरवरी 2026*
*🎈 दिन- सवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - फाल्गुन मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ला पक्ष*
*🎈तिथि- अष्टमी 28:50:58* तत्पश्चात् नवमी*
*🎈 नक्षत्र - कृत्तिका 15:06:11* तक तत्पश्चात् रोहिणी 👇
*🎈 योग - ऐन्द्र 07:22:39* तक तत्पश्चात् विश्कुम्भ*
*🎈करण - विष्टि भद्र 17:56:26* तक तत्पश्चात् बव*
*🎈राहुकाल -03:40 pm से 05: 06pm(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 चन्द्र राशि- वृषभ*
*🎈सूर्य राशि- कुम्भ *
*🎈 सूर्योदय-07:05:27am*
*🎈सूर्यास्त - 18:31:24*pm*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- उत्तर दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 05:24 ए एम से 06:14 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:25 पी एम से 01:11 पी एम*
*🎈 अमृत काल-12:51 पी एम से 02:22 पी एम
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:23 ए एम, फरवरी 25 से 01:13 ए एम, फरवरी 25*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग 07:04 ए एम से 03:07 पी एम*
*🎈 व्रत एवं पर्व व्रत *अष्टमी*
*🎈विशेष फाल्गुन मास महात्म्य *
🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
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*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*
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*🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
#🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🌷❤️💐🌼🪔❤️💐👉 ✍️ ★√*🛡️🌹
🌿✨ #*🕉️ #🌺#🌹सनातन परंपरा में माता लक्ष्मी केवल धन की देवी नहीं, बल्कि जीवन के आठ दिव्य आयामों की अधिष्ठात्री हैं।
कौन-सी लक्ष्मी की ऊर्जा है आपके भीतर? जन्मतिथि से करें पहचान
सामूहिक रूप से इन्हें Ashta Lakshmi कहा जाता है। जन्मांक (Birth Number) हमारे स्वभाव, कर्म प्रवृत्ति और आध्यात्मिक झुकाव का संकेत देता है।
अंक ज्योतिष के अनुसार आपकी जन्मतिथि सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि आपके व्यक्तित्व, भाग्य और ऊर्जा का गहरा संकेत देती है। माना जाता है कि हर जन्मांक किसी विशेष देवी-देवता की शक्ति से जुड़ा होता है, और धन-समृद्धि की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी के अलग-अलग स्वरूप भी जन्मांक के अनुसार प्रभाव डालते हैं। जानिए आपकी जन्मतिथि के अनुसार आप में कौन-सी लक्ष्मी की ऊर्जा विद्यमान है और किस रूप की पूजा से आपको विशेष आशीर्वाद मिल सकता है।
जन्मांक 1 (1, 10, 19, 28)
इन तिथियों में जन्मे लोग सूर्य के प्रभाव से आत्मविश्वासी, नेतृत्वकारी और महत्वाकांक्षी होते हैं। इनके भीतर Adi Lakshmi की मूल शक्ति विद्यमान रहती है। आदि लक्ष्मी सृजन और आरंभ की देवी हैं, जो जीवन में नई दिशाएं खोलती हैं। ऐसे जातकों को प्रत्येक रविवार या शुक्रवार माता को लाल पुष्प अर्पित कर सफलता और समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए।
जन्मांक 2 (2, 11, 20, 29)
चंद्रमा के प्रभाव से ये लोग कोमल हृदय, दयालु और भावुक स्वभाव के होते हैं। इनके जीवन में Dhana Lakshmi का आशीर्वाद रहता है। यह स्वरूप केवल धन ही नहीं, बल्कि संतोष और करुणा भी प्रदान करता है। शुक्रवार को खीर का भोग और चांदी का सिक्का अर्पित करना शुभ माना जाता है।
जन्मांक 3 (3, 12, 21, 30)
गुरु ग्रह से प्रभावित ये जातक ज्ञानवान, जिम्मेदार और आदर्शवादी होते हैं। इनके भीतर Gaja Lakshmi की प्रतिष्ठा और वैभव की ऊर्जा होती है। गज लक्ष्मी स्थिर समृद्धि और सामाजिक सम्मान प्रदान करती हैं। मोगरा के पुष्प और सुगंध अर्पित करना इनके लिए शुभ फलदायी माना जाता है।
जन्मांक 4 (4, 13, 22, 31)
राहु के प्रभाव से ये लोग व्यवहारिक, शांत और भौतिक सुखों की ओर उन्मुख होते हैं। इनके जीवन में Aishwarya Lakshmi का प्रभाव रहता है, जो ऐश्वर्य और सम्मान देती हैं। प्रत्येक शुक्रवार गुलाब की माला और सफेद मिठाई अर्पित करने से जीवन में स्थायी सुख आता है।
जन्मांक 5 (5, 14, 23)
बुध ग्रह के प्रभाव से ये लोग चंचल, बुद्धिमान और प्रसन्नचित्त होते हैं। इनके भीतर Santana Lakshmi की सृजनात्मक और आनंदमयी शक्ति रहती है। कमल का पुष्प अर्पित करना और बच्चों को मिठाई बांटना इनके लिए अत्यंत शुभ है।
जन्मांक 6 (6, 15, 24)
शुक्र ग्रह से प्रभावित ये जातक आकर्षक व्यक्तित्व और प्रेमपूर्ण हृदय वाले होते हैं। इनके जीवन में Vara Lakshmi की विशेष कृपा मानी जाती है। सफेद पुष्प अर्पित कर दांपत्य सुख और सामंजस्य की प्रार्थना करना लाभकारी रहता है।
जन्मांक 7 (7, 16, 25)
केतु के प्रभाव से ये लोग आध्यात्मिक, गंभीर और धैर्यवान होते हैं। इनके भीतर Dhairya Lakshmi की स्थिर और संतुलित ऊर्जा विद्यमान रहती है। नियमित मंत्र जप और ध्यान इनके जीवन को संतुलित बनाता है।
जन्मांक 8 (8, 17, 26)
शनि से प्रभावित ये लोग कर्मठ, अनुशासित और न्यायप्रिय होते हैं। इनके जीवन में पुनः Vara Lakshmi की अनुकंपा मानी जाती है। प्रत्येक शुक्रवार श्रद्धा से श्री सूक्त का पाठ जीवन में स्थिर समृद्धि लाता है।
जन्मांक 9 (9, 18, 27)
मंगल के प्रभाव से ये लोग साहसी, पराक्रमी और संघर्ष में विजयी होते हैं। इनके भीतर Vijaya Lakshmi की योद्धा शक्ति विद्यमान रहती है। लाल पुष्प अर्पित कर विजय और सम्मान की कामना करना शुभ माना जाता है।
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. 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ 🇪🇬🔱🔥🔱




