*🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*
*🎈दिनांक 11अप्रैल 2026*
*🎈 वार- शनिवार *
*🎈 विक्रम संवत् - 2083*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - वैशाख मास*
*🎈 पक्ष - कृष्ण पक्ष,*
*🎈तिथि- नवमी 24:36:53* तत्पश्चात्
दशमी*
*🎈 नक्षत्र - उत्तराषाढा 13:38:50* तक तत्पश्चात् श्रवण*
*🎈योग - सिद्ध 18:37:45*तक तत्पश्चात् साध्य*
*🎈करण - बालव 10:20:35* तक तत्पश्चात् कौलव होगा।
*🎈राहुकाल -09:26 am से 11:01 pm hv(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)
*🎈चन्द्र राशि- मकर *
*🎈सूर्य राशि - मीन*
*🎈 सूर्योदय - 06:16:28*
*🎈 सूर्यास्त - 18:56:06*
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
*🎈दिशा शूल- पूर्व दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:45 ए एम से 05:30 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:11 पी एम से 01:02 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:13 ए एम, अप्रैल 12 से 12:58 ए एम, अप्रैल 12*
*🎈अमृत काल -06:40 ए एम से 08:25 ए एम*
*🎈सर्वार्थ सिद्धि योग- 01:39 पी एम से 06:14 ए एम, अप्रैल 12*
*🎈 व्रत एवं पर्व विवरण- मासिक व्रत
*🎈विशेष - नवमी को नीम की पत्ती, फल या दातून मुंह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंड: 27.29-34)*
*🎈विशेष:- वैशाख मास महात्म्य *
👉 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🪔
🎉विक्रम सम्वत 2083 का मन्त्री मण्डल🛟
💥राजा गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी 💥सेनाधिपति चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी धान्याधिपति बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी मेघाधिपति चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी नीरसाधिपति गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी फलाधिपति चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
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🛟 नागौर, राजस्थान, (भारत)
मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
*🛟चोघडिया, दिन का🛟*
🛟चोघडिया, रात्🛟*
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🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩
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💕🛟प्रात: विशेष🕉️🌺
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🔶🌹🌹।।श्री-नवग्रह-पीडाहर हनुमान दशश्लोकी ।।
।।श्री-नवग्रह-पीडाहर हनुमान दशश्लोकी ।।
॥ विनियोगः ॥
अस्य श्री हनुमान् नवग्रह पीडाहर स्तोत्र मन्त्रस्य, भगवान् कालभैरव ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, श्री पंचमुखी हनुमान देवता, ह्रां बीजं, ह्रीं शक्तिः, ह्रूं कीलकम्, मम (या साधकस्य) नवग्रह जनित पीडा शान्त्यर्थे जपे विनियोगः।
🌹 १. सूर्य
बालार्क-मण्डलाकारं, देदीप्यमानं महाबलम्।
सूर्य-पीडां हरन्त्वेते, हनुमान् पवनात्मजः॥
🌹२. चन्द्र
अञ्जनी-गर्भा-सम्भूतं, कपिराजं जगत्प्रभुम्।
चन्द्र-पीडां हरन्त्वेते, हनुमन्-लक्ष्मण-प्रियः॥
🌹३. मङ्गल
महावीरं महाकायं, तप्तकाञ्चन-विग्रहम्।
भौम-पीडां हरन्त्वेते, वज्रदेहो महाबलः॥
🌹४. बुध
बुद्धि-विद्या-प्रदातारं, दूतमय-विशारदम्।
बुध-पीडां हरन्त्वेते, सुग्रीव-सख्य-कारकः॥
🌹 ५. गुरु
काञ्चनाभं कपीन्द्रं च, ज्ञानिनां च पुरःसरम्।
गुरु-पीडां हरन्त्वेते, राम-दूतः प्रतापवान्॥
🌹 ६. शुक्र
सीता-शोक-विनाशाय, राम-हृदय-वासिने।
भार्गव-पीडां हरन्त्वेते, अशोक-वन-भञ्जनः॥
🌹 ७. शनि
अर्क-पुत्र-प्रसन्नं च, शनिमय-निवारकम्।
शनि-पीडां हरन्त्वेते, लङ्का-दाहक-पण्डितः॥
🌹 ८. राहु
राहु-दर्प-हरं धीरं, सर्प-कुण्डल-मण्डितम्।
राहु-पीडां हरन्त्वेते, पिङ्गाक्षो भीषणाननः॥
🌹९. केतु
केतु-पीडा-विनाशाय, पुच्छ-ज्वाला-भयङ्करम्।
केतु-पीडां हरन्त्वेते, सर्व-विघ्न-निवारकः॥
🌹 १०.
ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः, हुं फट् कार-रूपिणे।
सर्व-ग्रह-दोष-नाशाय, हनुमन्तं नमाम्यहम्॥
॥ फलश्रुति ॥
इति ते कथितं दिव्यं, नवग्रहपीडा-विनाशनम्।
यः पठेत् प्रयतो नित्यं, स सर्वजयमाप्नुयात्॥
द्वादशैतानि नामानि, यः पठेच्छृणुयादपि।
न तस्य ग्रह-पीडा च, संसाराद् भयमस्ति वै॥
🍁(उपयोग:-- ग्रहों की महादशा, अंतर्दशा या गोचर जनित कष्टों के समय इसका पाठ "अचूक" है।)
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. 💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
💥।। शुभम् भवतु।।💥
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🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले सेठ की जय हो 🪷*
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*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)*
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।*
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