Type Here to Get Search Results !

पञ्चाङ्ग 26 मार्च 2026

 *🗓*आज का पञ्चाङ्ग*🗓*

jyotis


*🎈दिनांक 26 मार्च 2026*
*🎈 वार-  गुरुवार*
*🎈 विक्रम संवत् - 2082*
*🎈 अयन - दक्षिणायण*
*🎈 ऋतु - शिशिर*
*🎈 मास - चैत्र मास*
*🎈 पक्ष - शुक्ल पक्ष,*
*🎈तिथि-     अष्टमी    11:48:18* तत्पश्चात्
तिथि    राम नवमी*
hero


*🎈 नक्षत्र -            आद्रा    16:18:09* तक    तत्पश्चात्     आद्रा 👇
*🎈 योग    -         शोभन    24:30:35* तक तत्पश्चात् शोभन*
*🎈करण    -     बव    11:48:18* तक तत्पश्चात् बालव होगा।
*🎈राहुकाल -02:13 pm से  03:44pm(नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*हर जगह का अलग होगा
(राहुकाल वह समय होता है जिसमे किसी भी नये अथवा शुभ कार्य प्रारम्भ करने से बचना चाहिए।)*
*🎈 चन्द्र राशि-       मिथुन    *
*🎈सूर्य राशि-       मीन*
*🎈 सूर्योदय -   06:33:49*
*🎈सूर्यास्त -        18:47:59*pm* 
*(सूर्योदय एवं सूर्यास्त ,नागौर राजस्थान मानक समयानुसार)*
bhoj


*🎈दिशा शूल- दक्षिण दिशा में*
( किसी भी विशेष कार्य हेतु दिशा शूल वाली दिशा में जाने से बचना चाहिए, यद्यपि यदि उसी दिन जाकर उसी दिन लौटना हैं, अथवा व्यवसाय के दृष्टिकोण से प्रतिदिन जाना ही पड़ता है तो प्रभाव कम हो जाएगा, फिर इस पर विचार करने की आवश्यकता नही है, यदि  किसी कारण वश दिशा शूल में जाना ही पड़े तो सूर्योदय से पूर्व निकलना  श्रेयस्कर होता है, अन्यथा एक  दिन पूर्व प्रस्थान रखकर भी निकला जा सकता हैं।)
pawan


*🎈ब्रह्ममुहूर्त - 04:59 ए एम से 05:46 ए एम*
*🎈अभिजित मुहूर्त- 12:16 पी एम से 01:05 पी एम*
*🎈 निशिता मुहूर्त - 12:17 ए एम, मार्च 27 से 01:04 ए एम, मार्च 27*
*🎈  अमृत काल    -06:50 ए एम से 08:21 ए एम*
*🎈 विजय मुहूर्त-    02:44 पी एम से 03:33 पी एम*
*🎈 सर्वार्थ सिद्धि योग-    04:19 पी एम से 06:32 ए एम, मार्च 27*
*🎈 व्रत एवं पर्व काल रात्रि मां अष्टमी व्रत
       गुरुवार*
*🎈विशेष चैत्र मास महात्म्य *
 🙏 जय माँ आदिशक्ति सच्चियाय 🙏
💥राजा    गुरु👑 - शासन व्यवस्था के स्वामी    💥सेनाधिपति    चन्द्र⚔️ - रक्षा मन्त्री एवं सेनानायक
💥मन्त्री    मंगल⚜️ - नीतियों एवं प्रशासन के स्वामी    धान्याधिपति    बुध🌻 - रबी की फसलों के स्वामी
💥सस्याधिपति    गुरु🌾 - खरीफ की फसलों के स्वामी    मेघाधिपति    चन्द्र🌧 - मेघ एवं वर्षा के स्वामी
💥धनाधिपति    गुरु💰 - धन एवं कोष के स्वामी    नीरसाधिपति    गुरु🪙 - धातु, खनिज आदि के स्वामी
💥रसाधिपति    शनि🍯 - रस एवं द्रव पदार्थों के स्वामी    फलाधिपति    चन्द्र🍎 - फल-पुष्पादि के स्वामी
kundli


      🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴🪴 
  
    *🛟चोघडिया, दिन का🛟*
   नागौर, राजस्थान, (भारत)    
   मानक सूर्योदय के अनुसार।*🛟
day





    
        *🛟चोघडिया, रात्🛟*
night

*🛟 
 


★√*★√*★√*★√*★√*★√*★√*

     🚩*श्रीगणेशाय नमोनित्यं*🚩
    🚩*☀जय मां सच्चियाय* 🚩 
  #🌕 👉 👉🦚❤️💐 🌼🪔🏓🎊
                   नवरात्रि के 9 दिन…
                     माँ के 9 रूप…
और हर दिन के लिए एक दिव्य मंत्र। 🕉️🌺

👣🔗नवरात्रि का आठवां दिन (महाअष्टमी/दुर्गाष्टमी) माँ महागौरी को समर्पित है, जो शांति, पवित्रता और सौंदर्य की देवी हैं। इस दिन माता महागौरी की पूजा से कष्टों से मुक्ति, सुख-समृद्धि और ज्ञान की प्राप्ति होती है। भक्त इस दिन सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनते हैं और माता को नारियल या हलवा-पूरी का भोग लगाते हैं।👣 

💥आठवें दिन (महागौरी) का महत्व और पूजा विधि:🎉
देवी स्वरूप: माँ महागौरी श्वेत वर्ण (गौर) की हैं और सफेद वृषभ (बैल) पर सवार हैं।
कन्या पूजन: अष्टमी तिथि पर नौ छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजा जाता है, उनके चरण धोकर भोजन (हलवा-पूरी) और उपहार भेंट किए जाते हैं।
💢भोग: मां को नारियल से बनी मिठाई, लड्डू या हलवा-चना का भोग लगाया जाता है।
🪔मंत्र: 'ॐ देवी महागौर्यै नमः' का जाप किया जाता है।
🪔मुहूर्त (2026): चैत्र नवरात्रि में, अष्टमी तिथि 25 मार्च 2026 को दोपहर 1:50 बजे शुरू होकर 26 मार्च को सुबह 11:48 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, दुर्गा अष्टमी 26 मार्च 2026, गुरुवार को मनाई जाएगी। 
👣माँ महागौरी की पूजा से आत्मा निर्मल होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। 
============================

‼️ जन्मकुंडली में #अशुभ #शुक्र कारण एवं निवारण ‼️
=================================== 
 💢 कुंडली में शुक्र 6या 8 भाव में हो तब शुक्र बहुत खराब फल देता है।ऐसी स्थिति में यदि सप्तम स्थान पर गुरु की दृष्टि से सप्तमेश मजबूत है तब ही विवाह चल सकता है।
💢केतु के साथ 3 भाव में हो तब भी विवाह में दिक्कत होती है। क्योंकि शुक्र भी कहीं ना कहीं विवाह का कारक ग्रह पुरुष की कुंडली में केतु के साथ बैठना एक बंधन योग हो जाता शादी के लिए और सप्तम स्थान पर केतु की दृष्टि शुक्र के साथ ठीक नहीं होती।
💢 नीच के मंगल के साथ शुक्र होना ठीक नहीं होता।
जीवनसाथी धोखा दे सकता है। खास करके यह योग सप्तम स्थान में हो।
💢चन्द्रमा के साथ शुक्र ठीक फल नहीं देता।ऐसे व्यक्ति
अत्याधिक खर्चीला होता है यदि यही योग कुंडली के पंचम या द्वादश स्थान में हो।
💢 राहु के साथ भी शुक्र ठीक फल नहीं देता।कामुकता बड़ा देता है ।
💢महादशा शुक्र की महादशा सबसे शुभ होती है और
सबसे ज्यादा वर्ष चलती है शुक्र में राहु की अंतर्दशा  और राहु लाभ स्थान पर हो तब इस स्थिति में यदि शुक्र योगकारक ग्रह पंचम या नवम का स्वामी तो बहुत धन देता है। शुक्र में शनि या बुध की दशा मे धन लाभ होता है।
           ‼️ #सटीक #उपाय ‼️
💢 मित्रो कच्चे दूध का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से सुबह-सुबह कच्चा दूध पीना निश्चित तौर पर शुक्र को बलवान करेगा और कुछ ही माह में यह प्रभाव आपको दिखने लगेगा यह उपाय प्रतिदिन करना है।
💢 शुक्र का सीधा संबंध महालक्ष्मी से मां लक्ष्मी का सीधे संबंध स्फटिक की माला या कमल गट्टे की माला से और महालक्ष्मी का बीज मंत्र या नवार्ण मंत्र का जाप करने से खराब से खराब शुभ हो जाता है देवी
आराधना के साथ कन्या पूजन जरूर करें।
          ‼️ #उपाय #ज्योतिषीय ‼️
💢शुक्रवार के दिन सफेद वस्तुओं का दान करें।
माता-पिता का आशीर्वाद लेकर घर से निकलें।
💢 शुक्र का शुभ फल प्राप्त करने के लिए सुबह सूर्योदय से पहले उठें।
💢 गुरुजनों का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें।
💢 स्फटिक की माला धारण करें।
💢 श्री सूक्त का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा।
💢 शुक्र की मजबूती के लिए आपको शक्कर का दान करना चाहिए।
💢शुक्रवार को मंदिर में तुलसी का पौधा लगाएं।
प्रत्येक शुक्रवार चींटियों को आटा व पिसी शक्कर मिश्रित कर डालें।
💢सफेद गाय को नित्य चारा व रोटी दें।
💢 शुक्रवार को शुक्र का दान करें- (दान सामग्री : श्वेत वस्त्र, सौंदर्य सामग्री, इत्र, चांदी, शक्कर, दूध-दही, चावल, घी, स्फटिक, सफेद पुष्प)

                            🙇#जयश्रीसीताराम 🙇

.     💥“ज्ञान ही सच्ची संपत्ति है।
      बाकी सब क्षणभंगुर है।”💥
     🌼 ।। जय श्री कृष्ण ।।🌼
       💥।। शुभम् भवतु।।💥

♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
अगर आपको हमारा पंचांग नियमित चाहिए तो आप मुझे फॉलो करे
https://whatsapp.com/channel/0029Va65aSaKrWR4DbSSCq0r
♨️  ⚜️ 🕉🌞  🌞🕉 ⚜🚩
🔱🇪🇬जय श्री महाकाल सरकार 🔱🇪🇬 मोर मुकुट बंशीवाले  सेठ की जय हो 🪷*
▬▬▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ
*♥️~यह पंचांग नागौर (राजस्थान) सूर्योदय के अनुसार है।*
*अस्वीकरण(Disclaimer)पंचांग, धर्म, ज्योतिष, त्यौहार की जानकारी शास्त्रों से ली गई है।*
*हमारा उद्देश्य मात्र आपको  केवल जानकारी देना है। इस संदर्भ में हम किसी प्रकार का कोई दावा नहीं करते हैं।*
*राशि रत्न,वास्तु आदि विषयों पर प्रकाशित सामग्री केवल आपकी जानकारी के लिए हैं अतः संबंधित कोई भी कार्य या प्रयोग करने से पहले किसी अच्छी जानकारी वाले ज्योतिषी से संपर्क करे।
*♥️ रमल ज्योतिर्विद आचार्य दिनेश "प्रेमजी", नागौर (राज,)* 
*।।आपका आज का दिन शुभ मंगलमय हो।।* 
🕉️📿🔥🌞🚩🔱ॐ  🇪🇬🔱🔥🔱
vipul

Tags

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Below Post Ad